uss tripoli/ image source: warsurv x handle
USS Tripoli Deployment News: मध्य-पूर्व में तनाव और गहराता नजर आ रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि अमेरिका ने अपना अत्याधुनिक युद्धपोत USS Tripoli मिडिल ईस्ट की ओर रवाना कर दिया है। यह युद्धपोत करीब 2200 सैनिकों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और फिलहाल दक्षिणी हिंद महासागर में, भारत के पड़ोसी समुद्री क्षेत्र के पास मौजूद बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके पहुंचने से ईरान युद्ध एक नए और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर सकता है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले इस तरह की किसी तैनाती पर सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा था कि “अगर मैं सेना भेज भी रहा होता तो आपको नहीं बताता।”
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप अब ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति को और आक्रामक बनाने के मूड में हैं। समाचार एजेंसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहे हैं। इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। पहली, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खुलवाना, जिसे ईरान ने लगभग बंद कर दिया है। इस मार्ग से दुनिया का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है और इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। दूसरी वजह यह है कि अमेरिका के सहयोगी देशों ने इस संकट में सैन्य सहयोग देने से इनकार कर दिया है, जिससे अमेरिका को अकेले ही बड़ा कदम उठाने की जरूरत पड़ सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी रणनीति में ईरान के दक्षिणी तट के पास स्थित द्वीपों पर कब्जा करने का विकल्प भी शामिल है, ताकि होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके। इसी कड़ी में खर्ग द्वीप का नाम भी सामने आया है, जो ईरान के लिए बेहद अहम माना जाता है। यह द्वीप ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत संभालता है और इसे उसकी “लाइफलाइन” कहा जाता है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप इस द्वीप को नष्ट करने के बजाय उस पर नियंत्रण स्थापित करने की रणनीति अपना सकते हैं, ताकि ईरान पर दबाव बनाया जा सके।
वहीं एक और बड़ी चिंता ईरान के पास मौजूद उच्च संवर्धित यूरेनियम को लेकर है। बताया जा रहा है कि ईरान के पास करीब 450 किलो 60 प्रतिशत से अधिक संवर्धित यूरेनियम है, जिसका सटीक स्थान अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अमेरिका इसे अपने कब्जे में लेने के लिए जमीनी सेना भेजने जैसे जोखिम भरे विकल्प पर भी विचार कर सकता है। USS Tripoli पर तैनात 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के सैनिक विशेष रूप से ऐसे ही अभियानों के लिए प्रशिक्षित हैं। इस युद्धपोत में F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट, MV-22 Osprey हेलीकॉप्टर और लैंडिंग क्राफ्ट जैसी उन्नत सैन्य तकनीक मौजूद है, जो समुद्र से जमीन पर तेजी से ऑपरेशन करने में सक्षम बनाती है। कुल मिलाकर, हालात इस ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।