पटना, सात अक्टूबर (भाषा) बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित की गई जिसमें विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आदर्श आचार संहिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदर्श आचार संहिता ( एमसीसी) का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान सीईओ ने सभी दलों से सहयोग की अपील की।
छह अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से एमसीसी लागू हो गई है। सभी दलों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रचार के दौरान आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आयोग की ओर से सी- विजिल ऐप जारी किया गया है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत पर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य एवं जिला स्तर पर मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति ( एमसीएमसी ) का गठन किया गया है जो टीवी, अखबारों और सोशल मीडिया पर प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों की पूर्व स्वीकृति प्रक्रिया को देखेगी।
गुंजियाल ने यह भी बताया कि बिहार में उम्मीदवार सूची का अंतिम प्रकाशन 30 सितंबर को किया गया है और अब उसमें संशोधन की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि नामांकन के लिए आवेदन नियत तिथि से दस दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे।
आयोग की ओर से बताया गया कि राज्य में ईवीएम डेमोंस्ट्रेशन सेंटर एवं मोबाइल वैन के माध्यम से मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही थी, जिसे अब चुनाव घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी उम्मीदवार जिनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या सजा दर्ज है, उन्हें इसकी जानकारी जनता को देनी होगी।
उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अपने स्टार प्रचारकों की सूची अधिसूचना जारी होने के सात दिनों के भीतर आयोग को सौंपनी होगी। इस बार 40 नाम मान्यता प्राप्त दलों और 20 नाम अन्य दलों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि विधानसभा उम्मीदवारों के लिए अधिकतम व्यय सीमा 40 लाख रुपए निर्धारित किया गया है। आयोग ने चेतावनी दी कि ऐसे सभी खर्च जो प्रत्यक्ष रूप से वैध नहीं हैं जैसे शराब, उपहार या धन वितरण को भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में माना जाएगा और दोषी उम्मीदवारों पर कार्रवाई की जाएगी।
भाषा कैलाश जोहेब
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