पटना, एक अगस्त (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने शनिवार को सरकार पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वालों पर ‘‘अत्याचार करने’’ का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित बच्चों से माफी मांगने की अपील की।
बिहार में विद्यार्थियों के साथ कथित अत्याचारों की जांच के लिए गठित कांग्रेस की तथ्यान्वेषी टीम का हिस्सा रहे प्रतापगढ़ी ने पटना में संवाददाताओं से कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बच्चों को पीटा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के सीवान जिले में एक कांस्टेबल ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एके-47 राइफल का इस्तेमाल किया।
प्रतापगढ़ी ने कहा, “देश के छात्र सवाल पूछ रहे हैं। यह गोली किसके आदेश पर चलाई गई? क्या यह सरकार विद्यार्थियों को अपना दुश्मन मानती है? क्या आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली एके-47 अब बच्चों पर चलाई जाएगी? इससे अधिक शर्मनाक और क्या हो सकता है?”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ‘‘विद्यार्थियों के हित में नहीं है’’, क्योंकि उसने बच्चों पर ‘‘गोलियां और छर्रे चलवाए’’।
राज्यसभा सदस्य ने कहा, “प्रदर्शन के दौरान छात्राओं को पुलिसकर्मियों ने पीटा। एक लड़की से बदसलूकी करते हुए भी पुलिसकर्मी दिखाई दिए। इससे साफ है कि सरकार के मन में विद्यार्थियों के लिए कोई संवेदना नहीं है। विद्यार्थियों पर हुए अत्याचारों की जांच के लिए हमने तथ्यान्वेषी टीम बनाई हैं।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘इंस्टाग्राम’ पर जारी एक वीडियो संदेश में विद्यार्थियों की ओर से कथित तौर पर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर उन्हें ‘‘माफ करने’’ की बात कही थी, जिसके बारे में पूछे जाने पर सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री को विद्यार्थियों को माफ करने के बजाय उनसे माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मोदी को खुद को पीड़ित के रूप में पेश नहीं करना चाहिए। वह स्वयं ‘एक्स’ पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोगों को फॉलो करते हैं। हैदराबाद से उनकी पार्टी का एक विधायक हजारों लोगों की मौजूदगी में मंच से खुलेआम बेहद अशोभनीय गालियां देता है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।”
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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