जेवर हवाईअड्डा के लिए 110 इलेक्ट्रिक बसें होंगी उपलब्ध: मुख्यमंत्री

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जेवर हवाईअड्डा के लिए 110 इलेक्ट्रिक बसें होंगी उपलब्ध: मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 08:00 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 08:00 PM IST

लखनऊ, 27 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के संचालन के साथ यात्रियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को राज्य परिवर्तन आयोग की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे ओद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 15 जून से प्रस्तावित उड़ान संचालन से पहले सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ किया जाए।

यहां जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाओं के तेजी से विस्तार पर भी जोर दिया। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं और 2030 तक 10,000 चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक लगभग 2500 चार्जिंग स्टेशन चालू हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर संपर्क से औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और विनिमय संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 55 प्रतिशत भूमि प्राप्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण जून के अंत तक पूरा कर लिया जाए।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे का ‘एलाइनमेंट’ स्वीकृत हो चुका है तथा भूमि अधिग्रहण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश संबंधी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और निवेशकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि ‘मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब’ के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। ‘डेवलपर’ चयन के लिए निविदा की अंतिम तिथि बढ़ाकर 6 जुलाई 2026 कर दी गई है। वहीं ‘मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ के लिए 200 हेक्टेयर में से 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क और टेक्सटाइल पार्क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को प्रदेश के कृषि और औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के निकट प्रस्तावित कृषि निर्यात केंद्र और उन्नाव में ‘एक्वा ब्रिज परियोजना’ की समीक्षा करते हुए कहा कि कृषि और मत्स्य आधारित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए आधुनिक प्रसंस्करण और निर्यात सुविधाएं विकसित की जाएं।

भाषा राजेंद्र राजकुमार रमण

रमण