(मनोज राममोहन)
रियो डी जेनेरियो, 16 जून (भाषा) विमान विनिर्माता एयरबस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि लागत दक्षता में चौड़े आकार वाले ए350 से समानता रखने वाला ए330 नियो विमान भारतीय एयरलाइन कंपनियों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
एयरबस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (विपणन, वाणिज्यिक विमान) जूस्ट वैन डेर हेडेन ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि जटिल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद एयरलाइंस में विमानों की मांग मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में एयरबस विमानों की आपूर्ति सालाना आधार पर आठ प्रतिशत बढ़ी है और ए321 एक्सएलआर विमानों की आपूर्ति में भी तेजी आई है।
भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि फिलहाल यहां पर करीब 800 विमान परिचालन में हैं और अगले 10 वर्षों में इसमें लगभग नौ प्रतिशत की दर से वृद्धि होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, “भारत में हवाई यात्रा की प्रवृत्ति और प्रति व्यक्ति यात्राओं की संख्या में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में प्रति व्यक्ति औसतन 0.13 हवाई यात्राएं होती हैं, जो अगले 10 वर्षों में दोगुनी से अधिक हो जाएंगी।”
भारतीय एयरलाइंस की तरफ से ए330 नियो विमान के ऑर्डर की संभावना पर हैडेन ने कहा कि यह विमान इंजन की दक्षता, बेहतर वायु-गतिकी और यात्री अनुभव के चलते लागत के लिहाज से ए350 के बराबर स्तर का है।
उन्होंने कहा कि भारत में बड़ा घरेलू बाजार, घनी आबादी वाले महानगर और मजबूत क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मार्ग नेटवर्क मौजूद हैं। ऐसे में इन सभी प्रकार के मार्गों पर कुशलतापूर्वक संचालित हो सकने वाला विमान ही भारतीय बाजार के लिए उपयुक्त विकल्प हो सकता है।
एयरबस के पास भारतीय एयरलाइंस से ए320 शृंखला के करीब 1,250 विमानों के ऑर्डर हैं, जिससे अगले 10 वर्षों में हर साल 120 से अधिक विमानों की आपूर्ति होगी।
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प्रेम अजय
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