नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक नया ‘आधार’ ऐप पेश किया है जिसका उपयोग डिजिटल व्यक्तिगत संरक्षण अधिनियम के तहत कोई अतिरिक्त डेटा साझा किए बगैर उम्र के सत्यापन के लिए किया जा सकता है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
ऐप की पेशकश के अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार ने निजी संस्थाओं को सुरक्षित आधार पर आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करके सेवा प्रदान करने में सक्षम बनाने के लिए ‘आधार प्रमाणीकरण नियम 2020 के लिए आधार प्रमाणीकरण में संशोधन किया है।’
कृष्णन ने कहा, ‘हम अक्सर डिजिटल व्यक्तिगत संरक्षण अधिनियम (डीपीडीपी) अधिनियम के तहत यह चर्चा करते रहते हैं कि उम्र की पुष्टि कैसे की जाएगी। मुझे लगता है कि अब हम ऐसी स्थिति में हैं कि आधार ऐप के जरिये उम्र की जांच आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए किसी अतिरिक्त जानकारी को साझा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’
उम्र की पुष्टि ऑनलाइन मंच, जैसे सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और ई-कॉमर्स मंच को उपयोगकर्ताओं की उम्र जांचने में मदद करेगी। इससे बच्चों को अनुपयुक्त सामग्री या उत्पादों तक पहुंच से बचाया जा सकेगा।
यूआईडीएआई ने बताया कि नया ऐप मोबाइल फोन के ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके माध्यम से लोग और कंपनियां किसी व्यक्ति की डिजिटल रूप से पहचान सत्यापित कर सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
इस अवसर पर यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भुवनेश कुमार ने कहा कि यह ऐप न केवल पता और मोबाइल नंबर अद्यतन करने जैसी सेवाओं को आसान बनाएगा, बल्कि डिजिटल प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक जानकारी भी साझा करेगा।
भाषा
योगेश प्रेम
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