नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फ़ोन पर बातचीत की। पेज़ेश्कियन ने उन्हें पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं और आगे की राह के बारे में जानकारी दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में उन्होंने भारत और दुनिया के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की आज़ादी के महत्व को फिर से दोहराया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने बनी सहमति का स्वागत किया और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए।
मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा नौवहन एवं व्यापार की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करने की आवश्यकता को दोहराया।
बयान के अनुसार, फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान ईरान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम और आगे की राह के बारे में जानकारी दी।
मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं के बारे में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात हुई। बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि लगातार कोशिशों से इस इलाके में स्थायी शांति आएगी। भारत और दुनिया के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की आज़ादी के महत्व को फिर से दोहराया।’’
इससे पहले, पेज़ेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। खामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह अगले सप्ताह आयोजित होने वाला है।
खबरों के मुताबिक, सरकार भारत के प्रतिनिधि के तौर पर बिहार के राज्यपाल अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा को इन समारोह में भेजने की योजना बना रही है। अंतिम संस्कार की रस्में पांच से नौ जुलाई तक होंगी।
भाषा आशीष माधव
माधव