बैंक अधिकारियों के संगठन ने बंगाल में एसआईआर में तैनाती को लेकर सवाल उठाए

बैंक अधिकारियों के संगठन ने बंगाल में एसआईआर में तैनाती को लेकर सवाल उठाए

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 09:27 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 09:27 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) बैंक अधिकारियों के संगठन एआईबीओसी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान अपने सदस्यों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन अधिकारियों और वित्तीय सेवा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने फरक्का में हुई एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में तैनात बैंक अधिकारियों पर कथित तौर पर असामाजिक तत्वों ने हमला किया, जिसमें कुछ अधिकारी घायल हो गए।

संगठन ने एक बयान में कहा, ‘यह घटना संकेत देती है कि तनावपूर्ण एवं असुरक्षित माहौल में बिना पर्याप्त सुरक्षा के ड्यूटी कर रहे बैंक अधिकारी व्यक्तिगत जोखिम का सामना कर रहे हैं।’

एआईबीओसी ने आरोप लगाया कि घटना स्थल पर पुलिस सुरक्षा मौजूद नहीं थी और प्रतिनियुक्त अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है।

संगठन ने इस पर भी आपत्ति जताई कि इस असुरक्षित स्थिति के बावजूद महिला अधिकारियों एवं अन्य बैंक अधिकारियों को नए सिरे से सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जा रहा है।

इसके अलावा 26 दिसंबर, 2025 से 14 फरवरी, 2026 तक एसआईआर ड्यूटी पर तैनात बैंकिंग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तिमाही और वर्षांत अवधि से मेल खाती है। इसका नियामकीय अनुपालन, लेखा बंदी, ऑडिट संबंधी कार्य और व्यावसायिक लक्ष्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

करीब 3.25 लाख बैंक अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एआईबीओसी ने कहा कि प्रमुख बैंकिंग कार्यों से अधिकारियों को हटाए जाने से ग्राहक सेवा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ेगा।

संगठन ने गैर-बैंकिंग दायित्वों के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल, बीमा कवर, खर्चों की प्रतिपूर्ति, मूल्यांकन मानकों में समायोजन और तैनाती को युक्तिसंगत बनाए जाने की भी मांग की है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण