नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) सरकार ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों से स्थायी चुंबक (आरईपीएम) के विनिर्माण के लिए संचालित 7,280 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना के तहत वैश्विक निविदा जमा करने की समयसीमा बढ़ा दी है।
सरकार ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि बोली प्रक्रिया में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और हितधारकों को अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से यह फैसला किया गया है।
इसके तहत बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28 मई से बढ़ाकर 29 जून कर दी गई है। वहीं तकनीकी बोलियां खोलने की तिथि 29 मई से बढ़ाकर 30 जून, 2026 कर दी गई है।
बोलीदाताओं की तरफ से आने वाले सवालों पर सरकार अपना स्पष्टीकरण नौ जून को जारी करेगी।
सरकार ने 20 मार्च को इस योजना के तहत 6,000 टन प्रतिवर्ष क्षमता के स्थायी चुंबक विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की थीं।
भारी उद्योग मंत्रालय ने रेयर अर्थ से बने स्थायी चुंबक विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए लाभार्थियों के चयन हेतु प्रस्ताव आमंत्रण (आरएफपी) जारी किया था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 नवंबर, 2025 को दुर्लभ पृथ्वी तत्वों से स्थायी चुंबक (आरईपीएम) के विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए 7,280 करोड़ रुपये के आवंटन वाली इस योजना को मंजूरी दी थी।
दुर्लभ पृथ्वी तत्वों से बने स्थायी चुंबक दुनिया के सबसे शक्तिशाली चुंबकों में शामिल हैं और इनका व्यापक उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, पवन चक्की, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, वैमानिकी और रक्षा प्रणालियों में होता है।
भाषा योगेश प्रेम
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