… जी उन्नीकृष्णन …
बेंगलुरू, 15 मई (भाषा) गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि आईपीएल 2026 में बल्लेबाजों के दबदबे का मुकाबला करने के लिए गेंदबाजों को अपनी विविधताओं पर काम करना होगा। मौजूदा सत्र में टीमें लगातार 200 से अधिक के स्कोर बना और हासिल कर रही हैं। प्रसिद्ध ने कहा कि ऐसे हालात में गेंदबाजों के लिए अपनी योजनाओं और कौशल का सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने ‘पीटीआई’ से कहा, “गेंदबाज के तौर पर विविधता होना बहुत जरूरी है। आपको लगातार मेहनत करनी होती है ताकि औसत स्कोर नीचे आए। इसके लिए काफी तैयारी करनी पड़ती है।” उन्होंने कहा, “आपको परिस्थितियों, पिच, मैदान और बल्लेबाजों के हिसाब से तैयारी करनी होती है। यह बेहद उच्च स्तरीय टूर्नामेंट है, जहां गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। जरूरी यह है कि आप सही गेंद डालें, बल्लेबाज की मंशा को समझें और अपनी योजना पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अमल करें।” प्रसिद्ध ने इस आईपीएल में धीमे बाउंसर का प्रभावी इस्तेमाल किया है। उन्होंने इस दौरान आठ मैचों में 14 विकेट भी चटकाये हैं। उन्होंने बताया कि यह गेंद उनके हथियार का हिस्सा कैसे बनी। लंबे कद के इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘यह दिलचस्प बात है क्योंकि मैंने इसे अभ्यास के दौरान आजमाया था। हमारे नेट गेंदबाज दर्शन नालकांडे यह गेंद डाल रहे थे। मैंने उनसे बात की और उन्होंने मुझे इसे करने का तरीका बताया। अभ्यास सत्र में यह गेंद मुझे अच्छी लगी और फिर मैंने इसे मैच में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।” प्रसिद्ध ने कहा, “सब कुछ आत्मविश्वास और अपनी गेंद पर भरोसा रखने से जुड़ा है। टीम का समर्थन भी अहम होता है। जब चीजें सही होती हैं तो उसका फायदा मिलता है, लेकिन इसके पीछे काफी मेहनत होती है।” उन्होंने कहा कि किसी भी गेंदबाज के लिए अपनी ताकत को समझना सबसे अहम होता है। उन्होंने कहा, “टेस्ट मैच वाली ‘हार्ड लेंथ’ निश्चित तौर पर कारगर होती है, लेकिन यॉर्कर या धीमा बाउंसर डालने के कई तरीके होते हैं। लसिथ मलिंगा ने ऐसा किया और जसप्रीत बुमराह भी ऐसा करते हैं। यह इस पर निर्भर करता है कि आपकी ताकत क्या है और उस परिस्थिति में कौन सी गेंद सही रहेगी।” कर्नाटक के इस 30 वर्षीय तेज गेंदबाज ने कहा कि टी20 क्रिकेट में पहले से तय योजना पर पूरी तरह निर्भर रहना संभव नहीं है और गेंदबाजों को मैच के दौरान हालात के अनुसार सोच बदलनी पड़ती है। उन्होंने कहा, “टी20 में हमें सिर्फ 24 गेंदें फेंकनी होती हैं। अगर तेज गेंदबाज को लगातार छक्के पड़ते हैं तो उसे सोचना होता है कि अब क्या बेहतर किया जा सकता है। चाहे वह धीमी गेंद हो, बाउंसर हो या यॉर्कर, आपको उसी के अनुसार बदलाव करना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “आप पहले से यह तय करके नहीं आते कि कितनी तेज गेंदें डालनी हैं, लेकिन तेज गेंदबाजी आपको बल्लेबाज के खिलाफ थोड़ा अतिरिक्त फायदा जरूर देती है।” प्रसिद्ध ने माना कि तमाम योजनाओं के बावजूद टी20 में महंगे स्पैल का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन ऐसे समय में खुद को संभालना जरूरी होता है। उन्होंने कहा, “खेल की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि हर दिन नई शुरुआत होती है। टी20 में तो हर गेंद नई होती है। हो सकता है कि आपने 23 गेंदों में 65 रन दे दिए हों, लेकिन आखिरी गेंद पर अगर तीन रन बचाने हों तो आप अब भी मैच में बने रहते हैं।” उन्होंने कहा, “ऐसे में एक शानदार गेंद आपकी टीम को मैच जिता सकती है। इसलिए आपको हर गेंद को अलग तरीके से देखना चाहिए। भले ही 23 गेंदें खराब गई हों, लेकिन 24वीं गेंद मैच का रुख बदल सकती है।” प्रसिद्ध ने टी20 में अपनी सफलता का श्रेय आशीष नेहरा को देते हुए कहा कि यह सब उनकी देखरेख में होने वाले सुनियोजित अभ्यास सत्रों का नतीजा है। उन्होंने कहा, “यह शानदार टीम है और यहां के लोग काफी अच्छे हैं। हमने यहां हर संसाधन का पूरा इस्तेमाल किया है। सबसे अलग बात यह है कि हम अभ्यास में बहुत मेहनत करते हैं। हमारा अभ्यास उद्देश्यपूर्ण होता है और हम उसी चीज पर काम करते हैं जो मैच में करना चाहते हैं।” प्रसिद्ध ने कहा कि कागिसो रबाडा,मोहम्मद सिराज, जेसन होल्डर और राशिद खान जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलने और बातचीत करने से उन्हें अपने खेल को निखारने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, “जब आप महान खिलाड़ियों के साथ होते हैं तो काफी कुछ सीखने को मिलता है। हम सिर्फ अभ्यास के दौरान ही नहीं, बल्कि टीम रूम, खाने की मेज और बस में भी लगातार बातचीत करते रहते हैं और एक-दूसरे से सीखने की कोशिश करते हैं।” भाषा आनन्द नमितानमिता