कोयला, बिजली मंत्रियों के बीच आयातित कोयले के स्थान पर घरेलू ईंधन उपलब्ध कराये जाने पर विचार

कोयला, बिजली मंत्रियों के बीच आयातित कोयले के स्थान पर घरेलू ईंधन उपलब्ध कराये जाने पर विचार

कोयला, बिजली मंत्रियों के बीच आयातित कोयले के स्थान पर घरेलू ईंधन उपलब्ध कराये जाने पर विचार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: December 11, 2020 12:34 pm IST

नयी दिल्ली, 11 दिसंबर (भाषा) कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने शुक्रवार को बिजली मंत्री आर के सिंह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत आयातित कोयले के स्थान पर घरेलू ईंधन का विकल्प उपलब्ध कराने के मुद्दे पर विचार विमर्श किया।

मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने देश में कोयला आपूर्ति में आने वाली अड़चनों को दूर करने के मुद्दे पर भी विचार विमर्श किया।

जोशी ने इस बैठक के बाद ट्वीट जारी कर कहा, ‘‘बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय राज्य मंत्री श्री आर के सिंह के साथ मुलाकात हुई। इस दौरान आयातित कोयले के स्थान पर घरेलू कोयल के इस्तेमाल पर चर्चा हुई ताकि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सके। ’’

जोशी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौडा और रसायन एर्व उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मांडविया के साथ भी उन्होंने बैठकें की हैं जिसमें तालचर फर्टिलाइजर लिमिटेड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

जोशी ने ट्वीट में कहा, ‘‘इस दौरान संयंत्र से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान किये जाने और उर्वरक संयंत्र को समय पर स्थापित करने पर जोर दिया गया।’’

तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम गेल इंडिया लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड, राष्ट्रीय कैमिकल्स एण्ड फटिलाइजर्स लिमिटेड और फर्टिलाइजर कार्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआईएल) के बीच एक संयुक्त उद्यम है।

जोशी ने अगस्त में तालचर फर्टिजाइजर्स लिमिटेड की परिचालन गतिविधियों में हुई प्रगति की समीक्षा की थी और संयंत्र को कोयला गैसीकरण परियोजना पर काम तेज करने को कहा था। कोयला गैसीकरण आधारित आमेनिया- यूरिया परियोजना में प्रतिदिन 2,200 टन अमोनिया और 3,850 टन यूरिया उत्पादन की क्षमता होगी।

ओडीशा में तैयार हो रहे इस अत्याधुनिक संयंत्र में प्रतिदिन 100 टन सल्फर फ्लैक्स का भी उत्पादन होगा। इससे पहले यह संयंत्र एफसीआईएल के स्वामित्व में था। संयंत्र ने मार्च 1999 में उत्पादन बंद कर दिया था। अब तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड इसके परिचालन का पुनरूद्धार कर रही है।

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर


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