नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को कहा कि शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था बनने के लिए देश को अगले दशक के दौरान सालाना लगभग 10 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़नी होगी।
मंत्री ने यहां पवन ऊर्जा क्षेत्र के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के स्थापना दिवस समारोह में कहा कि भारत की पवन ऊर्जा क्षमता विशाल है और अभी भी इसका काफी हद तक उपयोग नहीं हुआ है।
जोशी ने कहा, ”आज हम वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर हैं, जहां 56.1 गीगावाट से अधिक क्षमता स्थापित है और अन्य 28 गीगावाट कार्यान्वयन के चरण में है।” वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में रिकॉर्ड 6.1 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी गई।
मंत्री ने कहा, ”हमें 2030 तक 100 गीगावाट क्षमता और 2036 तक 156 गीगावाट क्षमता हासिल करने का भरोसा है।”
उन्होंने कहा, ”2070 तक शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था के हमारे बड़े लक्ष्य तक पहुंचने के लिए भारत को अगले दशक तक हर साल लगभग 10 गीगावाट पवन क्षमता जोड़नी होगी।”
जोशी ने कहा कि सरकार ने निवेश के माहौल को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं और पारदर्शी प्रतिस्पर्धी बोली दिशानिर्देशों ने निवेशकों के विश्वास में काफी सुधार किया है।
भाषा पाण्डेय रमण
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