वित्त मंत्रालय ने पूंजी व्यय में तेजी के लिये नियमों में ढील दी

वित्त मंत्रालय ने पूंजी व्यय में तेजी के लिये नियमों में ढील दी

वित्त मंत्रालय ने पूंजी व्यय में तेजी के लिये नियमों में ढील दी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: April 23, 2021 4:40 pm IST

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) वित्त मंत्रालय ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिये खर्च के दिशानिर्देश में ढील दी है। इसका मकसद मंत्रालयों और विभागों के लिये 2021-22 के बजट में निर्धारित 44,000 करोड़ रुपये के पूंजी व्यय को तेजी से परियोजनाओं में लगाना है।

कोविड-19 महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये यह कदम उठाया गया है।

वित्त मंत्रालय द्वारा बृहस्पतिवार को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार बजट के तहत पूंजी व्यय मद के अंतर्गत मासिक/तिमाही व्यय योजना और पाबंदियां लागू नहीं होंगी। इसमें कहा गया है कि वित्त मंत्रालय ने 21 अगस्त, 2017 के कार्यालय ज्ञापन के तहत जारी नकद प्रबंधन दिशानिर्देश में छूट दी है ताकि मंत्रालय/विभाग पूंजी व्यय में तेजी ला सके।

ज्ञापन के अनुसार, ‘‘21 अगस्त, 2017 के कार्यालय ज्ञापन में उल्लेखित थोक खर्च श्रेणी पर मासिक व्यय योजना या तिमाही व्यय योजना सीमा और पाबंदी बजट के अंतर्गत पूंजी मद के तहत व्यय को लेकर लागू नहीं होगी। ये छूट तत्काल प्रभाव से है और जबतक कोई आदेश जारी नहीं किया जाता है, लागू रहेंगी।’’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में पूंजी व्यय में तीव्र वृद्धि की घोषणा की थी और 5.54 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराया। यह 2020-21 के बजट अनुमान से 34.5 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा था, ‘‘इसमें से, मैंने 44,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि आर्थिक मामलों के विभाग के बजट मद में रखा है। यह राशि उन परियोजनाओं/कार्यक्रमों/विभागों को उपलब्ध करायी जाएगी जिसने पूंजी व्यय के मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया है तथा उन्हें और कोष की जरूरत है।’’

वित्त मंत्री ने कहा था कि इन खर्चों के अलावा सरकार राज्यों और स्वायत्त निकायों को उनके पूंजी व्यय के लिये 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक उपलब्ध कराएगी।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर


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