लखनऊ, 20 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश को नई पीढ़ी की डिजिटल अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-11 में 250 एकड़ भूमि पर ‘फिनटेक पार्क’ विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना को केवल आईटी पार्क के रूप में नहीं, बल्कि एक संपूर्ण वित्तीय प्रौद्योगिकी परिवेश के रूप में आकार दिया जा रहा है।
एक बयान के मुताबिक सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख फिनटेक हब के रूप में स्थापित करेगी। यह ‘फिनटेक पार्क’ बैंकिंग से ब्लॉकचेन तक का विशाल केंद्र होगा।
योजना के अनुसार, सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, इंश्योटेक, इन्वेस्टटेक, फिनटेक सास (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर ऐज ए सर्विस) और इंटरनेशनल मनी ट्रांसफर से जुड़ी कंपनियों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा।
यहां वित्तीय सेवाओं से जुड़ी सभी आधुनिक तकनीकों को एक ही परिसर में विकसित और स्थापित किया जाएगा, जिससे कि स्टार्टअप से लेकर बड़ी वैश्विक कंपनियां तक, यहां निवेश के लिए आकर्षित हो सकें।
फिनटेक पार्क की सबसे बड़ी शक्ति इसकी स्थिति है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ा है और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अत्यंत निकट स्थित है। सरकार का आकलन है कि हवाई अड्डे की शुरुआत के बाद यह इलाका अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनेगा।
इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की परामर्श एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीपीआर में फिनटेक पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश मॉडल, रोजगार क्षमता और चरणबद्ध विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार डीपीआर पूरी होते ही निवेशकों के लिए भूखंड आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं का खाका सार्वजनिक किया जाएगा।
उप्र की योगी आदित्यनाथ सरकार इस परियोजना को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है। फिनटेक पार्क के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना न केवल निवेश बढ़ाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के डिजिटल ‘फाइनेंस मैप’ पर मजबूत स्थान दिलाने में सक्षम होगी।
भाषा जफर रवि कांत रमण
रमण