नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के बाद 250-300 कर्मचारियों की छंटनी की है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
छंटनी कई विभागों और कर्मचारियों के स्तर पर की गई है।
वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली यह कंपनी एक ओर जहां अपने प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले वरिष्ठ स्तर पर नियुक्तियां कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
फ्लिपकार्ट ने बयान में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या बताए बिना कहा, ‘हम नियमित रूप से प्रदर्शन समीक्षा करते हैं, जो स्पष्ट रूप से तय किए गए मानकों के अनुसार होती है। इस प्रक्रिया के दौरान, कर्मचारियों का एक छोटा हिस्सा कंपनी छोड़ सकता है। हम प्रभावित कर्मचारियों को नौकरी बदलने या नए अवसर खोजने में मदद प्रदान कर रहे हैं।’’
हालांकि, सूत्रों ने प्रभावित कर्मचारियों की संख्या 250 से 300 के बीच बताई है।
दिसंबर, 2025 में फ्लिपकार्ट को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से अपना वैधानिक मुख्यालय सिंगापुर से भारत स्थानांतरित करने की मंजूरी मिल गई थी। इसे घरेलू शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस पुनर्गठन का उद्देश्य समूह की होल्डिंग संरचना को सरल बनाना और अपने फैशन, स्वास्थ्य और लॉजिस्टिक्स व्यवसायों को सुव्यवस्थित करना है।
इसके तहत भारतीय नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप सिंगापुर स्थित आठ इकाइयों का फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड में विलय किया गया है।
साथ ही, फ्लिपकार्ट ने अपनी वरिष्ठ नेतृत्व टीम को मजबूत किया है। हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं, जिनमें सोमनाथ दास (उपाध्यक्ष, आपूर्ति श्रृंखला), दिग्विजय मिश्रा (उपाध्यक्ष, कॉरपोरेट संचार), विपिन कपूरिया (उपाध्यक्ष, व्यावसायिक वित्त), योगिता शानभाग (उपाध्यक्ष, मानव संसाधन) और अमेर हुसैन (उपाध्यक्ष, आपूर्ति श्रृंखला – ग्रॉसरी और त्वरित वाणिज्य) शामिल हैं।
भाषा योगेश अजय
अजय