सरकार अत्याधुनिक प्रतिस्पर्धी प्रणालियां विकसित करने में उद्योग को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध: चन्द्रशेखर

सरकार अत्याधुनिक प्रतिस्पर्धी प्रणालियां विकसित करने में उद्योग को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध: चन्द्रशेखर

सरकार अत्याधुनिक प्रतिस्पर्धी प्रणालियां विकसित करने में उद्योग को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध: चन्द्रशेखर
Modified Date: August 6, 2023 / 05:03 pm IST
Published Date: August 6, 2023 5:03 pm IST

चेन्नई, छह अगस्त (भाषा) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने रविवार को कहा कि सरकार अत्याधुनिक प्रतिस्पर्धी प्रणालियां विकसित करने में उद्योग का समर्थन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और तैयार है।

उन्होंने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत के पास एक रोमांचक अवसर है और उस अवसर को उपयोगी बनाने के लिए उसे व्यावसायिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकी विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

‘डिजिटल इंडिया रिक्स-वी सिम्पोजियम’ को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि डीआईआर-वी (डिजिटल इंडिया रिस्क-वी) माइक्रोप्रोसेसर भारतीय आईएसए (इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर) है, और हम अत्याधुनिक प्रतिस्पर्धी सिस्टम विकसित करने में उद्योग का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।”

भारत सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत माइक्रोप्रोसेसर बनाने के लिए डिजिटल इंडिया रिस्क-वी माइक्रोप्रोसेसर कार्यक्रम शुरू किया है।

रिस्क का मतलब ‘अल्प निर्देश सेट कंप्यूटर’ और ‘वी’ का मतलब पांचवीं पीढ़ी से है। रिस्क-वी परियोजना 2010 में शुरू हुई थी।

भाषा अनुराग पाण्डेय

पाण्डेय


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