जीएसटी परिषद ने विभिन्न कानूनी मंचों के समक्ष अपील दायर करने के लिए मौद्रिक सीमा तय की

जीएसटी परिषद ने विभिन्न कानूनी मंचों के समक्ष अपील दायर करने के लिए मौद्रिक सीमा तय की

जीएसटी परिषद ने विभिन्न कानूनी मंचों के समक्ष अपील दायर करने के लिए मौद्रिक सीमा तय की
Modified Date: June 22, 2024 / 08:02 pm IST
Published Date: June 22, 2024 8:02 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) सरकारी मुकदमों को कम करने के लिए जीएसटी परिषद ने विभिन्न अपीलीय प्राधिकरणों के समक्ष कर विभाग द्वारा अपील दायर करने के लिए एक मौद्रिक सीमा तय की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने यहां आयोजित जीएसटी परिषद की 53वीं बैठक के बाद कहा कि जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए 20 लाख रुपये, उच्च न्यायालय के लिए एक करोड़ रुपये और सर्वोच्च न्यायालय के लिए दो करोड़ रुपये की मौद्रिक सीमा तय करने की सिफारिश की है।

यदि मौद्रिक सीमा, जीएसटी परिषद द्वारा तय सीमा से कम है, तो कर प्राधिकरण आमतौर पर अपील नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि परिषद ने यह भी सिफारिश की है कि अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने के लिए पूर्व जमा की अधिकतम राशि सीजीएसटी और एसजीएसटी के लिए 25 करोड़ रुपये से घटाकर 20 करोड़ रुपये की जाए।

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे की प्लेटफॉर्म टिकट, विश्राम कक्ष और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं जीएसटी से मुक्त हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा परिषद ने शैक्षणिक संस्थानों के बाहर छात्रावास सेवाओं के लिए 20,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह तक छूट दी है।

उन्होंने कहा कि यह छूट छात्रों या कामकाजी वर्ग के लिए है और कम से कम 90 दिनों तक रहने पर इसका लाभ उठाया जा सकता है।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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