आवास मूल्य सूचकांक में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि: आरबीआई

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आवास मूल्य सूचकांक में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि: आरबीआई

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 06:51 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 06:51 PM IST

मुंबई, 29 मई (भाषा) देश में वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान अखिल भारतीय आवास मूल्य सूचकांक (एचपीआई) में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि रही जबकि 2024-25 की समान तिमाही में यह 3.8 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

आवास मूल्य सूचकांक में वृद्धि का अर्थ आवासीय संपत्तियों की औसत लागत में वृद्धि है।

आंकड़ों के मुताबिक, यह वृद्धि मुख्य रूप से नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़ और कानपुर जैसे शहरों में मकानों कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई।

आरबीआई ने बताया कि चौथी तिमाही में आवास मूल्य सूचकांक बढ़कर 115.9 पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 115.6 था। तिमाही आधार पर इसमें 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें जयपुर, लखनऊ और पुणे में मकानों की कीमतों में बढ़ोतरी प्रमुख रूप से रही।

केंद्रीय बैंक के अनुसार, एचपीआई का संकलन पंजीकरण प्राधिकरणों से प्राप्त लेन-देन-स्तरीय आंकड़ों के आधार पर तिमाही रूप से किया जाता है।

आरबीआई ने बताया कि 2022-23 को आधार वर्ष मानकर तैयार यह सूचकांक 18 प्रमुख शहरों के आंकड़ों पर आधारित है, जिनमें मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, कानपुर, कोच्चि, हैदराबाद, तिरुवनंतपुरम, पुणे, गाजियाबाद, ठाणे, गौतम बुद्ध नगर, चंडीगढ़ और नागपुर शामिल हैं।

भाषा योगेश रमण

रमण