इंडिया गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान करने 25 कोस्टार्टअप से करेगा समझौता

इंडिया गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान करने 25 कोस्टार्टअप से करेगा समझौता

इंडिया गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान करने  25 कोस्टार्टअप से करेगा समझौता
Modified Date: November 29, 2022 / 08:17 pm IST
Published Date: October 30, 2020 12:19 pm IST

चेन्नई, 30 अक्टूबर (भाषा) इंडिया गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) ने शुक्रवार को कहा कि वह प्रौद्योगिकी साझा करने के लिये 25 स्टार्टअप के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा।

आईजीसीएआर के निदेशक ए के भादुड़ी ने शुक्रवार को कहा कि यह गठजोड़ स्वास्थ्य, पर्यावरण निगरानी और रसायन समेत अन्य क्षेत्रों में होगा।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सैद्धांतिक रूप से हम हर साल कम-से-कम 25 स्टार्टअप के साथ समझौता करने पर विचार कर रहे हैं। नीति आयोग ने हमें यह लक्ष्य दिया है।’’

परमाणु ऊर्जा विभाग के पालना केंद्र (इनक्यूबेशन सेंटर) का आज (शुक्रवार) औपचारिक रूप से सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के चेयरमैन के एन व्यास ने वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये उद्घाटन किया।

भादुड़ी ने कहा कि आईजीसीएआर ने विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। यह समझौता आईजीसीएआर द्वारा पालना केंद्र के जरिये विकसित प्रौद्योगिकी या उत्पादों के अदान-प्रदान के लिये हुआ।

इनमें से एक समझौता तमिलनाडु के पेराम्बलुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के साथ हुआ। यह समझौता बीज, फसल और अन्य संबंधित क्षेत्रों में विकिरण से जुड़े अध्ययनों में संयुक्त रूप से अनुसंधान एवं विकास के लिये हुआ है।

चेन्नई से 80 किलोमीटर दक्षिण कलपक्कम में प्रस्तावित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की स्थिति से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह चालू होने के अंतितम चरण में हैं। हालांकि अधिकारी ने इस बारे में विस्तार से कुछ भी बताने से मना कर दिया।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर


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