भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहाः आनंद महिंद्रा
भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहाः आनंद महिंद्रा
मुंबई, 30 जुलाई (भाषा) महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पारंपरिक वैश्वीकरण से हटकर अब ‘चयनात्मक साझेदारियों’ की तरफ बढ़ रही है, जहां आपूर्ति शृंखलाओं का पुनर्गठन हो रहा है और देश पैमाने, स्थिरता एवं भरोसेमंद साझेदारों की तलाश में हैं। ऐसे परिदृश्य में भारत को एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
महिंद्रा ने महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) की 80वीं वार्षिक आम बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया की हाल की घटनाएं दिखाती हैं कि अनिश्चितता अब अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य स्थिति बन गई है।
भारत की वैश्विक विनिर्माण में बदलती भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में भारत केवल परिस्थितियों का सामना ही नहीं कर रहा, बल्कि अपनी प्रासंगिकता भी लगातार बढ़ा रहा है।
महिंद्रा ने कहा, ‘‘भारत के पास बड़ा घरेलू बाजार, प्रतिभा, राजनीतिक स्थिरता और विभिन्न देशों के साथ काम करने का रणनीतिक लचीलापन है, जिससे उसकी वैश्विक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।’’
उन्होंने कंपनी के नवाचार प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि एनयू-आईक्यू जैसे मंचों के जरिये परिवहन क्षेत्र में बदलाव लाया जा रहा है। साथ ही, पिछले दशक में कंपनी को मिले पेटेंट 56 से बढ़कर 1,300 से अधिक हो गए हैं, जो शोध एवं विकास पर बढ़ते निवेश को दर्शाता है।
महिंद्रा ने नागपुर में अगले 10 वर्षों के भीतर 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा को भविष्य के प्रति कंपनी के विश्वास का संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय ठहरने का नहीं, बल्कि तेज़ी से आगे बढ़ने का है और कंपनी इस दौर में ‘अटैक मोड’ में काम करते हुए अपनी गति को और बढ़ाएगी।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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