जिंदल स्टेनलेस ने सौर व पवन ऊर्जा का उपयोग किया शुरू; 2050 तक प्रदूषण मुक्त होने का लक्ष्य
जिंदल स्टेनलेस ने सौर व पवन ऊर्जा का उपयोग किया शुरू; 2050 तक प्रदूषण मुक्त होने का लक्ष्य
नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) देश की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील बनाने वाली कंपनी जिंदल स्टेनलेस (जेएसएल) ने मध्य प्रदेश में ओयस्टर रिन्यूएबल की 216 मेगावाट की हाइब्रिड परियोजना (सौर व पवन ऊर्जा) से स्वच्छ बिजली लेनी शुरू कर दी है।
वर्ष 2024 में इस स्टेनलेस स्टील निर्माता कंपनी ने हाइब्रिड बिजली की आपूर्ति के लिए ओयस्टर रिन्यूएबल के साथ एक बिजली खरीद समझौता (पीपीए) किया था।
इस समझौते के तहत ओयस्टर रिन्यूएबल कुल 315 मेगावाट की दो परियोजनाओं से जेएसएल को सालाना 70 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की आपूर्ति करेगी।
इन परियोजनाओं को 2,000 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित किया जा रहा है जिसमें जिंदल स्टेनलेस का 132 करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।
मध्य प्रदेश की परियोजना से वर्तमान में जेएसएल के जाजपुर (ओडिशा) और हिसार (हरियाणा) स्थित संयंत्रों को सालाना 45 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी।
इसके अलावा, गुजरात में 99 मेगावाट की एक और हाइब्रिड क्षमता स्थापित की जा रही है जो इस साल जून तक शुरू हो जाएगी। जेएसएल के संयंत्रों को करीब 25 करोड़ यूनिट अतिरिक्त हरित बिजली प्रदान करेगी।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह कदम 2050 तक शुद्ध शून्य बनने के लक्ष्य का हिस्सा है।
ओयस्टर रिन्यूएबल के प्रमुख सिद्धार्थ भाटिया ने कहा कि इस पहल से सालाना करीब 6.5 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
भाषा सुमित निहारिका
निहारिका

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