(LPG Cylinder Crisis/ Image Credit: ANI News)
LPG Cylinder Crisis: ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष 22 दिनों से अधिक समय से थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच लगातार हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थित का असर भारत में एलपीजी उपलब्धता पर भी पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को समय पर गैस सिलेंडर मिल सके इसके लिए सरकारी तेल कंपनियां पहले से तैयारी में जुट गई है।
सरकारी कंपनियां एक अहम योजना पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम एलपीजी भरी जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य सीमित गैस स्टॉक को ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाना है। अनुमान के मुताबिक, 10 किलोग्राम गैस भी एक सामान्य परिवार के लिए लगभग एक महीने तक चल सकती है, जिससे संकट के समय अधिक लोगों को राहत मिल सकेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडरों पर नया स्टिकर लगाया जाएगा, जिसमें कम गैस की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, कीमतें भी उसी हिसाब से घटाई जाएंगी। इसके लिए बॉटलिंग प्लांटों को अपने सिस्टम में बदलाव करना होगा और सरकार से जरूरी मंजूरी लेनी पड़ेगी। हालांकि, कंपनियों को आशंका है कि अचानक बदलाव से लोगों में भ्रम और असंतोष पैदा हो सकता है, खासकर तब जब कई राज्यों में चुनाव नजदीक है।
भारत में रोजाना करीब 93,500 टन एलपीजी की खपत होती है, जिसमें से 86% घरेलू उपयोग में आता है। हाल के दिनों में खपत में गिरावट भी दर्ज की गई है। देश अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी खाड़ी देशों की होती है। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो सप्लाई पर और दबाव बढ़ सकता है और विकल्प सीमित हो सकते हैं।