नैसकॉम की बजट में क्लाउड कर में स्पष्टता,अधिक स्टार्टअप के लिए ईएसओपी कर स्थगन की मांग

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नैसकॉम की बजट में क्लाउड कर में स्पष्टता,अधिक स्टार्टअप के लिए ईएसओपी कर स्थगन की मांग

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 11:48 AM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 11:48 AM IST

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) उद्योग जगत की संस्था नैसकॉम को केंद्रीय बजट में कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ईएसओपी) के तहत कर स्थगन का लाभ अधिक स्टार्टअप को दिए जाने और भारतीय डेटा केंद्रों के विदेशी क्लाउड उपयोग की कर संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए उचित स्पष्टीकरण लाए जाने की उम्मीद है।

इस संगठन में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां सहित प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विभिन्न दिग्गज शामिल हैं।

नैसकॉम ने बजट को लेकर अपनी मांगों में अधिक स्टार्टअप के लिए ईएसओपी पर कर भुगतान को टालने (ईएसओपी कर स्थगन) के प्रावधान को भी प्रमुखता से उठाया है। इसके साथ ही, उसने विलय या समामेलन की स्थिति में संचित घाटे एवं अप्रयुक्त अवमूल्यन के ‘कैरी-फॉरवर्ड’ और समायोजन (सेट-ऑफ) से जुड़े लाभों को सभी कंपनियों तक उनके व्यवसाय की प्रकृति की परवाह किए बिना विस्तारित करने का भी प्रस्ताव रखा है।

अन्य सुझावों में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) पुनर्निवेश आरक्षित कोष के पात्र उपयोग के दायरे का विस्तार करना भी शामिल है ताकि इसमें पट्टे पर ली गई प्रौद्योगिकी परिसंपत्तियां, क्लाउड अवसंरचना, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन, इंटीरियर, सुविधाएं एवं अधिकृत एसईजेड परिचालनों से जुड़े नए कर्मचारियों की भर्ती तथा प्रशिक्षण पर होने वाला व्यय भी शामिल किया जा सके।

नैसकॉम के सार्वजनिक नीति उपाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि केंद्रीय बजट उद्योग के लिए दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण समय में पेश किया जा रहा है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘ उद्योग के रूप में हमने पिछले वर्ष 280 अरब अमेरिकी डॉलर पर समापन किया था और इस वर्ष हम 300 अरब डॉलर के आंकड़े के करीब हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि धीमी रही है। इसे हमारे प्रमुख बाजारों से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए और कर नीतियों पर विचार करते समय इसी संदर्भ को ध्यान में रखना होगा।’’

नैसकॉम ने सरकार से उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा मान्यता प्राप्त सभी स्टार्टअप को ईएसओपी पर कर भुगतान के स्थगन (डिफरल) की सुविधा देने और ईएसओपी लागत को आयकर अधिनियम की धारा 37 के तहत कटौती योग्य बनाने का आग्रह किया है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा