Petrol Diesel Price 04 April 2026:सीधे 80 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल, बाइक सवारों को एक महीने में मिलेगा सिर्फ 20 लीटर, संकट के बीच यहां की सरकार ने लिया फैसला / Image: IBC24 Customized
बिजनेस: Petrol Diesel Price 04 April 2026: ईरान-इजराइल युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है, जिसक असर खुदरा बाजार में दिख रहा है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों में तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही है। लेकिन इस बीच पाकिस्तान सरकार ने आम जनता को राहत देने वाला फैसला लिया है। पाकिस्तान सरकार ने 80 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। बता दें कि एक दिन पहले ही शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल डीजल के रेट में 50 और डीजल पर 20 प्रतिशत वृद्धि की थी, जिसके बाद आम जनता सड़कों पर उतर आई थी। वहीं, अब सरकार ने शुक्रवार शाम को पेट्रोल के रेट में कटौती करने का आदेश जारी किया है।
Petrol Diesel Price 04 April 2026: मिली जानकारी के अनुसार शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 80 रुपए की कटौती की है, जिसके बाद पाकिस्तान में पेट्रोल प्रति लीटर 378 रुपए में मिल रहा है। सरकार पेट्रोलियम लेवी में समायोजन के ज़रिए इस कटौती का भार खुद उठाएगी। आम जनता को राहत देने वाला फैसला लेते हुए पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण यह वृद्धि अपरिहार्य थी। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जिसका प्रसारण सरकारी टेलीविज़न पर किया गया था, उन्होंने कहा, “अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतें नियंत्रण से बाहर हो जाने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी करना अनिवार्य था।”
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब ने बताया कि दोपहिया वाहन चालकों को 100 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी सीमा 20 लीटर प्रति माह होगी और यह तीन महीने की अवधि के लिए लागू रहेगी। यानि 378 रुपए लीटर में बाइक वालों को सिर्फ 20 लीटर लेने का अधिकार होगा, जिसके बाद उन्हें और पेट्रोल डलवाने के लिए 458.40 रुपए प्रति लीटर का भुगतान करना होगा।
बता दें कि पाकिस्तान, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से तेल आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील रहा है। ईंधन की कीमतों में हुई इस भारी बढ़ोतरी के कारण पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने अचानक कीमतें बढ़ाकर उस आबादी पर और बोझ डाल दिया है जो पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही है।