(बरुण झा)
दावोस, 20 जनवरी (भाषा) केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक कंपनियां भारत में स्थिर सरकार, स्थिर नीतियां और मजबूत प्रतिभा भंडार होने की वजह से भरोसा कर रही हैं और वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत की सबसे बड़ी ‘यूएसपी’ (विशिष्ट पहचान) हैं।
जोशी ने यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि दावोस में उनकी बैठकों के दौरान यह स्पष्ट नजर आया है कि वैश्विक निवेशकों को भारतीय नेतृत्व पर भरोसा है और वे भारत को एक बढ़िया निवेश गंतव्य मानते हैं।
उन्होंने भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर कहा कि करीब 10–11 साल पहले भारत को एक ‘नाजुक’ अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब वह चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
उन्होंने कहा, ‘जहां देश को एक लाख करोड़ डॉलर से दो लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 50 साल से अधिक समय लगा, वहीं तीन लाख करोड़ और चार लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में करीब एक दशक ही लगा।’
जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ यानी सुधार, प्रदर्शन एवं बदलाव का मंत्र इस प्रगति का प्रमुख आधार रहा है। उन्होंने कहा कि अब इसमें ‘इन्फॉर्म’ यानी सूचना भी जोड़ा गया है, ताकि दुनिया और देशवासियों को भारत की उपलब्धियों से अवगत कराया जा सके।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किफायती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का बड़े पैमाने पर विस्तार अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है, जबकि जीवाश्म ईंधन का उपयोग भी संतुलित रूप से जारी है।
जोशी ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में पैमाना, गति और कौशल के बल पर सफलता हासिल की है और यह जलवायु परिवर्तन से निपटने में दुनिया के लिए एक मॉडल है।
उन्होंने कहा, “भारत ने साबित किया है कि विकास और पर्यावरणीय स्थिरता साथ-साथ चल सकते हैं, और यह सब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है।”
निवेशकों से मुलाकात पर जोशी ने कहा कि वे उन्हें एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रतिनिधि के रूप में देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी एवं उनके नेतृत्व को भारत के लिए सबसे बड़ा निवेश आधार होने के बारे में जोशी ने कहा, “….वह भारत के लिए सबसे बड़ी यूएसपी (विशिष्ट पहचान) हैं।”
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प्रेम रमण
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