मुंबई, 25 जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बृहस्पतिवार को निर्यात संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) से जुड़े मामलों पर चर्चा की।
मल्होत्रा ने अपने संबोधन में भारत के आर्थिक बदलाव में निर्यातकों के अहम योगदान का उल्लेख किया और अनिश्चित वैश्विक व्यापार माहौल और बदलती भू-राजनीति चुनौतियों के बीच उनके मजबूती से काम करने की तारीफ की।
उन्होंने संबंधित पक्षों की चिंताओं को समझने और सही जानकारी के आधार पर नीति बनाने में ऐसी बातचीत के महत्व पर जोर दिया।
इस बैठक में निर्यात संगठनों, निर्यात संवर्धन परिषद, उद्योग मंडल सीआईआई की निर्यात समिति और विदेशी विनिमय डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
आरबीआई ने बयान में कहा, ‘‘बैठक के दौरान विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई, जिसमें निर्यात से जुड़े नियम, निर्यात ऋण, साख पत्र और दूसरी प्रक्रियात्मक बातें शामिल थीं।’’
निर्यात संगठनों से निर्यात पर असर डालने वाली नीति और कामकाज से जुड़े मामलों पर अपने सुझाव और प्रतिक्रियाएं दी।
रिजर्व बैंक ने यह भी कहा कि वह देश में निर्यात क्षेत्र को और समर्थन और बढ़ावा देने के लिए इन सुझावों और प्रतिक्रियाओं पर विचार करेगा।
बैठक में डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे, पूनम गुप्ता और रोहित जैन के साथ-साथ केंद्रीय बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
भाषा रमण अजय
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