भुवनेश्वर, 25 जून (भाषा) मध्य प्रदेश के पोल वॉल्ट खिलाड़ी देव मीना ने पिछले दो वर्षों में पांचवीं बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा है और उन्होंने इस शानदार उपलब्धि का श्रेय अपने कोच को दिया जो उनसे हर प्रतियोगिता में अपना स्तर बढ़ाने के लिए कहते थे।
बुधवार को यहां राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देव ने 5.46 मीटर की ऊंचाई पार करके अपना पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड (5.45 मीटर) तोड़ा।
पिछला रिकॉर्ड उन्होंने बीते महीने रांची में फेडरेशन कप के दौरान अपने राज्य के साथी और ट्रेनिंग साझेदार कुलदीप कुमार के साथ साझा किया था।
इक्कीस साल के देव ने कहा कि उनकी सोच हमेशा राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने की रहती है। उन्होंने स्वीडन के पोल वॉल्ट सुपरस्टार आर्मंड डुप्लांटिस के लगातार अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के सिलसिले को ‘अविश्वसनीय’ बताया।
देव ने कहा, ‘‘मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने का श्रेय अपने कोच (घनश्याम यादव) को देना चाहता हूं। जब भी मैं किसी प्रतियोगिता में जाता हूं तो वह मुझे नेशनल रिकॉर्ड पर ध्यान देने के लिए कहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह (कोच) कहते थे ‘अगर तुम्हें अपना स्तर सुधारना है तो तुम्हें राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना होगा।’ इसलिए मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ धीरे-धीरे अपना स्तर सुधार रहा हूं, ठीक वैसे ही जैसे डुप्लांटिस करते हैं जो वाकई कमाल की बात है।’’
देव ने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) द्वारा तय किए गए एशियाई खेलों के क्वालीफाइंग स्तर (5.45 मीटर) को पार कर लिया। उन्होंने कहा कि वे समय बर्बाद नहीं करना चाहते और एशियाई खेलों की तैयारी शुरू कर देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘योजना एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करने की थी। मुझे पहले या दूसरे स्थान की परवाह नहीं थी। मैं बस सबसे पहले क्वालीफाई करना चाहता था।’’
देव ने कहा, ‘‘मैं एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। मैं समय बर्बाद नहीं करना चाहता। मुझे कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना है इसलिए मुझे खुद को तैयार करना होगा। मुझे चोटों से भी बचना होगा।’’
उन्हें ग्लास्गो में होने वाले आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 32 सदस्यीय भारतीय टीम में भी शामिल किया गया है।
देव ने कहा कि अगर यहां मौसम बेहतर होता तो वह 5.50 मीटर की ऊंचाई भी पार कर लेते।
उन्होंने कहा, ‘‘मौसम थोड़ा गर्म था। मेरा शरीर थक रहा था इसीलिए मैं शरीर में पानी की कमी से बचने के उपाय कर रहा था। नहीं तो मैं 5.50 मीटर भी पार कर लेता।’’
भाषा सुधीर आनन्द
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