मुंबई, नौ मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद कर बैंकिंग प्रणाली में 50,000 करोड़ रुपये डाले।
आरबीआई ने बयान में कहा कि उसने 13,507 करोड़ रुपये मूल्य के 6.33 प्रतिशत सरकारी प्रतिभूति (जीएस) 2035 बॉन्ड, 13,494 करोड़ रुपये मूल्य के 6.01 प्रतिशत जीएस 2030 बॉन्ड, 8,157 करोड़ रुपये मूल्य के 6.10 प्रतिशत जीएस 2031 बॉन्ड, 6,955 करोड़ रुपये मूल्य के 7.30 प्रतिशत जीएस 2053 बॉन्ड खरीदे।
इनके अलावा 4,479 करोड़ रुपये मूल्य के 7.18 प्रतिशत जीएस 2033 बॉन्ड, 2,304 करोड़ रुपये मूल्य के 6.92 प्रतिशत जीएस 2039 बॉन्ड और 1,104 करोड़ रुपये के 6.19 प्रतिशत जीएस 2034 बॉन्ड खरीदे गए हैं।
वर्तमान में बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष (जरूरत से अधिक नकदी) करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
यह ओएमओ खरीद नीलामी बैंकिंग प्रणाली से बड़े पैमाने पर नकदी निकासी की आशंका को देखते हुए की गई। दरअसल, इस महीने के अंत में अग्रिम कर और जीएसटी के भुगतान होने वाले हैं।
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, चालू कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से अब तक केंद्रीय बैंक ओएमओ के जरिये सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद कर लगभग 2.50 लाख करोड़ रुपये की नकदी डाल चुका है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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