सेबी ने रिण प्रतिभूतियों के अलग अलग नियमों को मिलाकर एक करने का प्रस्ताव किया

सेबी ने रिण प्रतिभूतियों के अलग अलग नियमों को मिलाकर एक करने का प्रस्ताव किया

सेबी ने रिण प्रतिभूतियों के अलग अलग नियमों को मिलाकर एक करने का प्रस्ताव किया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: May 19, 2021 7:13 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों पर अनुपालन बोझ कम करने की दिशा में कदम उठाते हुये रिण प्रतिभूतियों और गैर- परिवर्तनीय विमोचनीय तरजीही शेयरों से जुड़े सूचीबद्धता नियमों को मिलाकर एक नियम बनाने का प्रस्ताव किया है।

नियामक ने इस संबंध में तैयार परिचर्चा पत्र में कहा है कि उसका यह प्रस्ताव कंपनी अधिनियम 2013 के साथ तालमेल बिठाने और सेबी के सूचीबद्धता दायित्व और खुलासा आवश्यकता नियमों और डिबेंचर ट्रस्टी नियमों में निरंतरता बनाये रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणी के लिये 21 दिन का समय रखा है। इस प्रस्ताव में सेबी ने रिण प्रतिभूतियों के इश्यू और सूचीबद्धता (आईएलडीएस) नियमों और गैर- परिवर्तनीय विमोचनीय तरजीही शेयर (एनसीआरपीएस) नियमनों को मिलाकर एक करने का सुझाव दिया है। इन्हें मिलाकर गैर- परिवर्तनीय प्रतिभूति इश्यू और सूचीबद्धता यानी एनसीएस नियमन का नाम दिया जा सकता है। प्रस्तावित एनसीएस नियम में नियामक ने एनसीआरपीएस के सार्वजनिक निर्गम के लिये न्यूनतम रेटिंग एए- को हटाने का सुझाव दिया है।

भाषा

महाबीर

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