अमेरिका-ईरान युद्धविराम, कच्चे तेल में नरमी से सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़ा
अमेरिका-ईरान युद्धविराम, कच्चे तेल में नरमी से सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़ा
मुंबई, आठ अप्रैल (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को जोरदार तेजी आई और बीएसई सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 अंक के करीब पहुंच गया। पश्चिम एशिया में दो सप्ताह के युद्ध विराम की घोषणा से वैश्विक बाजारों में तेजी और कच्चे तेल के दाम में नरमी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
व्यापारियों ने कहा कि आरबीआई के नीतिगत दर रेपो को यथावत रखने का निर्णय, सभी क्षेत्रों में भारी लिवाली और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से भी निवेशकों की धारणा में सुधार आया है।
बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी रही। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 2,946.32 अंक यानी 3.95 प्रतिशत बढ़कर 77,562.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 3,018.96 अंक चढ़कर 77,635.54 अंक पर पहुंच गया था।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 873.70 अंक यानी 3.78 प्रतिशत बढ़कर 23,997.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 901.5 अंक चढ़कर 24,025.15 अंक पर पहुंच गया था।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा के बाद वैश्विक धारणा में सुधार के कारण यह तेजी आई है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट आई और मुद्रास्फीति तथा वैश्विक वृद्धि को लेकर चिंताएं कम हुईं।’’
उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दर और तटस्थ रुख को यथावत रखने के निर्णय से भी धारणा मजबूत हुई।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में, इंटरग्लोब एविएशन में सबसे अधिक 8.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक और मारुति भी प्रमुख रूप से लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल थीं।
दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड में गिरावट रही।
मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 4.93 प्रतिशत चढ़ा, जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप 4.01 प्रतिशत के लाभ में रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 13.89 प्रतिशत टूटकर 94.09 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 47 पैसे मजबूत होकर 92.59 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6.87 प्रतिशत और जापान का निक्की 225 5.39 प्रतिशत चढ़ गये। चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को स्थिर बंद हुए थे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘युद्धविराम की घोषणा से जोखिम से बचने की धारणा में काफी कमी आई है। इससे भारत का अस्थिरता सूचकांक 20 प्रतिशत से अधिक गिर गया है, जो अनिश्चितता में तेजी से कमी का संकेत देता है। यह सकारात्मक धारणा वैश्विक बाजारों में भी दिखाई दी….।’’
पोनमुडी ने कहा, ‘‘ईरान के इस दो सप्ताह की अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के संकेत के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेजी से गिरावट आई और यह 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई।’’
इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को अपनी प्रमुख नीतिगत दर को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखा और सतर्क रुख अपनाते हुए देखो और इंतजार करो का निर्णय लिया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 8,692.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,979.50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अंतरिम युद्धविराम को व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से भारत को तत्काल लाभ हुआ है। इससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं…।’’
उन्होंने कहा कि बाजार धारणा में आए तीव्र सुधार से 10-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल में उल्लेखनीय गिरावट आई है और रुपये में मजबूती आई है जबकि आरबीआई के यथास्थिति के रुख ने वित्तीय क्षेत्र को और अधिक समर्थन दिया है।
सेंसेक्स मंगलवार को 509.73 अंक बढ़कर 74,616.58 अंक पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 155.40 अंक की तेजी के साथ 23,123.65 अंक पर रहा था।
भाषा
रमण अजय
अजय

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