तेलंगाना की रबी धान खरीद में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी : मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी

तेलंगाना की रबी धान खरीद में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी : मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी

तेलंगाना की रबी धान खरीद में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी : मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी
Modified Date: June 2, 2026 / 12:36 pm IST
Published Date: June 2, 2026 12:36 pm IST

हैदराबाद, दो जून (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा रबी सत्र में देशभर में खरीदे गए कुल धान में तेलंगाना की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत रही है।

राज्य सरकार द्वारा आयोजित तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद, उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने 63.65 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है और 11,903 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में जमा किए हैं।

उन्होंने बताया कि बेमौसम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने करीब 10,000 मीट्रिक टन गीले धान की भी खरीद की।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ आज देश का कोई भी राज्य धान खरीद में तेलंगाना से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता। मुझे गर्व है कि यासंगी (रबी) सत्र में देशभर में खरीदे गए कुल धान में तेलंगाना की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है।’’

वित्त वर्ष 2025-26 के अनुमान के अनुसार, तेलंगाना ने 236.87 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है।

सरकार द्वारा किसानों को दिए गए प्रोत्साहनों से धान, मक्का और कपास के उत्पादन में शानदार परिणाम मिले हैं। साथ ही पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि अब किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने की जरूरत है, जिससे तेलंगाना को विविध एवं समृद्ध फसलों वाली भूमि बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गोदावरी नदी पर तेलंगाना–महाराष्ट्र सीमा पर तुम्मिडीहेत्ती में बैराज बनाने का प्रयास कर रही है और इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सहयोग मांगा गया है, क्योंकि इसके निर्माण से महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जलभराव होगा।

विभिन्न सरकारी योजनाओं और क्षेत्रों में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य राज्य को ‘‘दुनिया का प्रवेश द्वार’’ बनाना और 2047 तक 3000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना है।

तेज गर्मी को देखते हुए रेवंत रेड्डी ने अपना भाषण छोटा रखा और अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए थे कि कार्यक्रम संक्षिप्त रखा जाए एवं उपस्थित लोगों के लिए गर्मी से राहत के इंतजाम किए जाएं।

भाषा निहारिका

निहारिका


लेखक के बारे में