दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहर आवास बाजार में वृद्धि के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण : रिपोर्ट

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दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहर आवास बाजार में वृद्धि के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण : रिपोर्ट

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  • Publish Date - March 15, 2026 / 02:56 PM IST,
    Updated On - March 15, 2026 / 02:56 PM IST

नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) रियल एस्टेट क्षेत्र की सलाहकार कंपनी स्क्वायर यार्ड्स की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहर आवास बाजार के अगले वृद्धि चरण को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

स्क्वायर यार्ड्स के अनुसार, कोविड महामारी के बाद घर की कीमतों में वृद्धि के कारण बड़े शहरों में मांग प्रभावित हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2022 से 2024 के दौरान मकानों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी होने के कारण प्रमुख शहरों में घर खरीदने की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र, पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे सात बड़े शहरों में किफायती और मध्यम आय वर्ग के मकानों की नई आपूर्ति सीमित रहने से स्थिति और कठिन हो गई है।

रिपोर्ट में कहा गया कि महामारी के बाद महानगरों में मकानों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी का जो दौर रहा, अब उसमें स्थिरता के संकेत दिखाई देने लगे हैं और आवास बाजार एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है।

कंपनी के अनुसार, कई बड़े महानगर क्षेत्रों में मकानों की कीमतों में वृद्धि लोगों की आय में हुई बढ़ोतरी से अधिक रही है। इसके कारण घर खरीदने की क्षमता पर दबाव बढ़ा है और महंगे मकानों की मांग में धीरे-धीरे कमी देखी जा रही है।

रिपोर्ट कहती है कि भारत के आवास बाजार में अगला वृद्धि चरण दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से आएगा। इन शहरों में घर खरीदने की शुरुआती लागत अपेक्षाकृत कम है और मकानों की कीमत तथा लोगों की आय के बीच बेहतर संतुलन है, जिससे लोगों के लिए घर खरीदना अधिक सुलभ हो रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भुवनेश्वर, कटक, इरोड, पुरी, वाराणसी और विशाखापत्तनम जैसे शहर वृद्धि के अगले चरण को आगे बढ़ाएंगे।

भाषा योगेश अजय

अजय