फल-सब्जियों पर परिवहन सब्सिडी, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम : कृषि मंत्री

Ads

फल-सब्जियों पर परिवहन सब्सिडी, भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम : कृषि मंत्री

  •  
  • Publish Date - October 14, 2020 / 03:03 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:01 PM IST

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) अधिसूचित फलों और सब्जियों के परिवहन के लिए सरकार की सब्सिडी योजना, देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को यह कहा।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि ‘ऑपरेशन ग्रीन्स टॉप टू टोटल’ के तहत दी जाने वाली यह सब्सिडी, आत्मानिभर भारत की ओर एक बड़ा कदम है।

मंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) ने किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं लाई हैं।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत, ‘ऑपरेशन ग्रीन्स योजना टॉप टू टोटल’, अधिसूचित फलों और सब्जियों के परिवहन और भंडारण पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करता है, बशर्ते कि अगर ऐसे फलों या सब्जियों की कीमतें एक निश्चित स्तर से कम हैं।

एमओएफपीआई को ऑनलाइन दावा प्रस्तुत करने के अलावा, किसान रेल योजना के तहत भी परिवहन सब्सिडी बहुत ही सरल तरीके से उपलब्ध होगी। “किसान सहित कोई भी व्यक्ति किसान रेल के माध्यम से किसी भी अधिसूचित फल और सब्जी का परिवहन कर सकता है।

बयान में कहा गया है, ‘‘रेलवे इन फलों और सब्जियों पर केवल 50 प्रतिशत भाड़ा लगाएगा। माल भाड़े 50 प्रतिशत भारतीय रेलवे को एमओएफपीआई द्वारा ऑपरेशन ग्रीन्स योजना के तहत सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाएगा।’’

वर्तमान में, रेलवे देवलाली (महाराष्ट्र) और मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार), आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से दिल्ली तथा बैंगलूरु से दिल्ली के बीच तीन किसान रेल का परिचालन कर रहा है।

रेलवे की महाराष्ट्र में संतरों के लिए प्रसिद्ध नागपुर और वारुद ऑरेंज सिटी से दिल्ली तक चौथी किसान रेल शुरू करने की भी योजना है।

इस योजना के तहत 19 से अधिक फल सब्सिडी के पात्र हैं जिनमें आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, मौसम्बी, संतरा, कीनू, नीबू, पपीता, अनानास, अनार, कटहल, सेब, आंवला, जुनून फल और नाशपाती जैसे फल शामिल हैं।

सब्जियों में, 14 फसलें पात्र हैं – जिनमें फ्रेंच बीन्स, करेला, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, मिर्च (हरा), ओकरा, ककड़ी, मटर, प्याज, आलू और टमाटर इत्यादि जैसी सब्जियां शामिल हैं।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर