Charandas Mahant on Rambhadracharya: ‘मैं तो रामभद्राचार्य को गांव का भी गुरु नहीं मानता’.. राम मंदिर का सबूत देने वाले संत को चरणदास महंत ने बताया भाजपा का एजेंट, सांसद पत्नी ने भी कह दी बड़ी बात

Ads

'मैं तो रामभद्राचार्य को गांव का भी गुरु नहीं मानता'.. राम मंदिर का सबूत देने वाले संत को चरणदास महंत ने बताया भाजपा का एजेंट, Charandas Mahant on Rambhadracharya

  •  
  • Publish Date - May 25, 2026 / 05:01 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 05:01 PM IST

मनेन्द्रगढ़ः Charandas Mahant on Rambhadracharya: रामकथा श्रवण कराने छत्तीसगढ़ पहुंचे जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य को लेकर इन दिनों प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्वामी रामभद्राचार्य पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा का प्रचारक बताया है। चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि वो भाजपा के प्रचारक हैं और भाजपा का प्रचार करने आए हैं। ऐसे लोगों को मैं न जगतगुरु मानता हूं और न गांव का गुरु मानता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि वह उनसे आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे।

Charandas Mahant on Rambhadracharya: दरअसल, स्वामी रामभद्राचार्य इन दिनों चिरमिरी में आयोजित रामकथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। इसी बीच उनके कार्यक्रम और बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। वहीं, मामले पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की पत्नी सांसद ज्योत्सना महंत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्वामी रामभद्राचार्य से पहले मिल चुकी हैं और उनकी कथा भी सुन चुकी हैं। सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि वह काम को ही अपना धर्म मानती हैं और जनप्रतिनिधियों को सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और विकास कार्य उनके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

रामभद्राचार्य को लेकर आए इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। महंत दंपति के बयान पर पुरंदर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता विधर्मी हैं। साधु-संतों का अपमान जन्म सिद्ध अधिकार समझते हैं। कांग्रेस पार्टी को साधु संतों का श्राप न लग जाए। कांग्रेस पार्टी विध्वंसकारी उद्देश्य लेकर चल रही है। इंदिरा गांधी को भी साधु-संतों का श्राप लगा था।