CM Rural Bus Scheme: छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में अब चलेंगी सरकारी बसें, साय सरकार ने लाई ये शानदार योजना, कहीं आपका भी गांव तो नहीं है इसमें शामिल?

छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में अब चलेंगी सरकारी बसें, साय सरकार ने लाई ये शानदार योजना, CM Rural Bus Scheme in Chhattisgarh

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 07:14 PM IST

CM Rural Bus Scheme. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित, 330 नए गांवों में पहली बार बस सेवा
  • बस संचालकों को प्रति किलोमीटर 26/24/22 रुपये की वित्तीय सहायता और 3 वर्ष तक गासिक कर छूट
  • 2026-27 में 200 बसों के संचालन का लक्ष्य, ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना

रायपुरः CM Rural Bus Scheme: छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहां अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है।

अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गाँवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुँची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। इससे ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित हो रही है।

बस संचालकों को दी जा रही ये सुविधाएं

CM Rural Bus Scheme मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत गासिक कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके। मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके।

बस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया

चयनित मार्गों पर बस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे। निविदा में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है। इससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाता है।

इन जिलों में संचालित है बसें

वर्तमान में 12 नवीन ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसके अतिरिक्त 15 नए ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है, जिन पर बस संचालन हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं। जिलावार स्थिति की बात करें तो सुकमा में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 तथा अंबिकापुर में 2 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं। आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाकर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।

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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

योजना का उद्देश्य उन ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, जहां पहले बस सेवा नहीं थी, ताकि ग्रामीण लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक आसानी से पहुँच सकें।

योजना के तहत कितनी बसें चल रही हैं और कितने गांवों तक सेवा पहुंची है?

योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे 330 नए गांवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुंची है।

बस संचालकों को क्या आर्थिक सहायता दी जा रही है?

बस संचालकों को प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता दी जा रही है। साथ ही गासिक कर में अधिकतम तीन वर्ष की पूरी छूट भी दी जा रही है।

मार्गों का चयन कैसे किया जाता है?

मार्ग चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके।

इस योजना का लक्ष्य भविष्य में क्या है?

वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।