बचके रहें, घूम रहे हैं घुमंतू गैंग, इस तरह से बना रहे लोगों को निशाना, हाईटेक है इनका तरीका

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GHUMANTU GANG : रायपुर में घुमंतू गैंग लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। आए दिन आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। 

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  • Publish Date - June 19, 2022 / 02:48 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:04 PM IST

रायपुर। GHUMANTU GANG : रायपुर में घुमंतू गैंग लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। आए दिन आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।  रायपुर पुलिस ने इस गैंग की 1 महिला समेत 2 नाबालिग को गिरफ्तार किया है। मामला पंडरी थाना इलाके का है।

बताया जाता है कि घुमंतू गैंग आदर्श नगर में घर का दरवाजा खुला देखकर चोरी करने के लिए घूसे थे। गैंग ने महिला को कमरे में बंद कर चोरी की कोशिश की। गनीमत रही कि महिला की सूझबूझ से गैंग को पड़ोसियों ने पकड़ लिया। बता दें कि घुमंतू गैंग ने गंज थाना इलाके के 2 घरों में चोरी की कोशिश की थी। बता दें कि घुमंतू गैंग के राजस्थान के भरतपुर की जनजाति हैं और उनकी अपराध की कार्यशैली एक जैसी होती है

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घुमंतू जनजाति के सक्रिय गैंग

1. बावरिया

2. काछी

3. पवेरा

4. कबूतरा

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चार महीने ही सक्रिय रहते हैं

GHUMANTU GANG : बावरिया, काछी, पवेरा और कबूतरा गैंग कबीले के रूप में काम करते हैं। हर गैंग या कबीले में एक सरदार होता है। यह साल में केवल चार महीने सक्रिय होते हैं और वारदात को अंजाम देने के बाद घटना के समय ही शहर छोड़ देते हैं। गैंग के सदस्य किसी भी शहर में आने-जाने के लिए ट्रेन से सफर करते है और वारदात वाले एरिया के आस-पास डेरा लगाकर रहते हैं।

क्या है घुमंतू जनजाति के गैंग का तरीका

गैंग का एक ग्रुप घनी आबादी से कुछ दूर आउट स्कर्ट एरिया में टारगेट करते हैं। एक ग्रुप पहले वहां डेरा जमा कर परिवार के समय रहता है। फूल, गुब्बारे या छोटा मोटा सामान फेरी लगाकर बेचते है और उसी की आड़ में वह रेकी करते है। एक शहर में वह तीन से चार वारदात करने के लिए रेकी करते है और पूरी डिटेल जमा करते है। पीछे से आने वाले ग्रुप में सारी डिटेल उपलब्ध कराने के बाद वह परिवार की महिलाओं और बच्चों को उस प्वाइंट या शहर से करीब ढाई से तीन सौ किमी दूर भेज देते है।

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