कांकेर: माओवादी संगठन में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के रूप में सक्रिय महिला नक्सली रूपी को एक मुठभेड़ में मार गिराया गया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस और सुरक्षाबलों ने रूपी की तलाश में विशेष अभियान चलाया हुआ था। इसी अभियान के तहत माचपल्ली (छोटे बेठिया) के जंगल में हुई मुठभेड़ में उसे ढेर करने का दावा किया गया है। (Police-Naxalite Latest Encounter) रूपी लंबे समय से सुरक्षाबलों की वांछित सूची में शामिल थी। उसके अधिकांश साथी पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके थे, लेकिन वह जंगलों में रहकर नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थी। रुपी पर पांच लाख रूपये का इनाम घोषित था। मौके पर महिला नक्सली के शव के साथ एक हथियार और दूसरे सामन भजि बरामद किये गए हैं।
STORY | Woman Naxalite killed in encounter in Chhattisgarh’s Kanker
A woman Naxalite was killed in an encounter with security personnel in Chhattisgarh’s Kanker district on Monday, police said.
“नक्सल एरिया कमांडर रूपी, जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था, छोटे बेतिया पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारी गई। मुठभेड़ वाली जगह से हथियार के साथ शव बरामद किया गया”: SP कांकेर निखिल राखेचा
कांकेर, छत्तीसगढ़ | नक्सल एरिया कमांडर रूपी, जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था, छोटे बेतिया पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारी गई। मुठभेड़ वाली जगह से हथियार के साथ शव बरामद किया गया: SP कांकेर निखिल राखेचा
रूपी उत्तर और दक्षिण बस्तर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय रही और एरिया कमेटी मेंबर के पद पर कार्यरत थी। वह इन दिनों प्रतापपुर एरिया कमेटी की जिम्मेदारी संभाल रही थी। सरकार और आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की ओर से उसे कई बार आत्मसमर्पण करने और पुनर्वास नीति का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन उसने इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया। इसी बीच छोटे बेठिया क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में उसके मारे जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि पुलिस की लगातार दबिश के कारण वह अपना ठिकाना बार-बार बदल रही थी, जिसके चलते वह दक्षिण बस्तर से उत्तर बस्तर क्षेत्र में पहुंच गई थी।
सरेंडर के खिलाफ थी रूपी
पुलिस और आत्मसमर्पित नक्सलियों के अनुसार, रूपी इलाके की एक प्रभावशाली नक्सली नेता थी। वह नक्सलियों के आत्मसमर्पण के खिलाफ थी और अपने साथियों को भी हथियार डालने से रोकती थी। कुछ समय पहले एसीएम विजय रेड्डी और रूपी समेत नौ माओवादियों के आत्मसमर्पण के लिए तैयार होने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन यह सच साबित नहीं हुआ। (Police-Naxalite Latest Encounter) गौरतलब है कि, सरकार ने 31 मार्च को ही छत्तीसगढ़ समेत देशभर के दुसरे माओवाद प्रभावित इलाकों के सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त होने का दावा किया था, वही इस ऐलान के 12 दिनों बाद हुए एनकाउंटर में उसे ढेर कर दिया गया है।
नक्सलियों का डंप बरामद
इस मुठभेड़ की खबर से इतर छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सीआरपीएफ के जवानों ने ढेकुनपानी जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का एक डंप बरामद किया। इस डंप से 2 टिफिन बम, 70 जिलेटिन की छड़ें, 3 स्टील कंटेनर और 4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर जब्त किए गए हैं।