CG Dhan Kharidi News Today: धान खरीदी को लेकर किसानों ने खोला मोर्चा, तहसील कार्यालय पहुंचकर दी हड़ताल की चेतावनी, जानिए कितने अन्नदाता अब तक नहीं बेच पाए अपना धान

Ads

CG Dhan Kharidi News Today: धान खरीदी को लेकर किसानों ने खोला मोर्चा, तहसील कार्यालय पहुंचकर दी हड़ताल की चेतावनी, जानिए कितने अन्नदाता अब तक नहीं बेच पाए अपना धान

  •  
  • Publish Date - February 2, 2026 / 02:18 PM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 02:18 PM IST

CG Dhan Kharidi News Today: धान खरीदी को लेकर किसानों ने खोला मोर्चा, तहसील कार्यालय पहुंचकर दी हड़ताल की चेतावनी / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई
  • किसानों ने पिथौरा तहसील कार्यालय का घेराव किया
  • 25 लाख मीट्रिक टन कम धान खरीदा

महासमुंद: CG Dhan Kharidi News Today: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी खत्म हो चुका है। सरकार ने 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी की तारीख तय की थी, जिसके बाद धान खरीदी बंद कर दी गई है। लेकिन दूसरी ओर कई किसान अभी भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं, जो सरकार से लगातार धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। धान खरीदी जारी रखने की मांग को लेकर महासमुंद जिले के किसान पिथौरा तहसील कार्यालय पहुंचे हैं। इतना नहीं किसानों को ये भी कहना है कि अगर हमारा समाधान नहीं मिला तो हम धरने पर बैठ जाएंगे।

धान खरीदी को लेकर किसानों ने खोला मोर्चा

CG Dhan Kharidi News Today: दरअसल मामला राजाडे़रा इलाके के 7 गांव का है, जहां के 90 से अधिक किसानों ने अब तक अपना धान नहीं बेचा है। किसानों की मानें तो उन्होंने ऑनलाइन टोकन कटवाने की कोशिश की, लेकिन लिमिट कम होने के चलते 31 जनवरी तक टोकन नहीं कटवा पाए। ऐसे में धान खरीदी की आखिरी तारीख तक किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं। वहीं, अब इन किसानों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या सरकार इन किसानों का धान खरीदन के लिए कुछ व्यवस्था करेगी? क्या इन किसानों को अपना धान अब बिचौलियों को बेचना होगा?

लाखों किसान नहीं बेच पाए धान: पीसीसी चीफ दीपक बैज

दूसरी ओर धान खरीदी बंद किए जाने के बाद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज का कहना है कि ‘सरकार ने धान खरीदी बंद कर दी है, लाखों किसान धान बेचने के वंचित रहे हैं। यह सरकार 53 दिन ही धान खरीद पाई है, 149 लाख मीट्रिक धान खरीदा है, सरकार ने अपने लक्ष्य से 25 लाख मिट्रिक टन धान कम खरीदा है। पिछले साल 9 लाख मीट्रिक टन धान कम खरीदा था।

किसानों के साथ भद्दा मजाक

उन्होंने आगे कहा कि 5 लाख से अधिक किसान एग्री स्टैक पोटल से पंजीयन नहीं करवा पाए, सरकार शुरू से ही इस कोशिश में लगी रही कि किसानों का कम से कम धान खरीदे। सरकार ने दुर्भावनापूर्वक किसानों का ध्यान नहीं खरीदा, पिछले साल की तुलना में 29 जिलों में धान की खरीदी कम की गई और सरकार जश्न मना रही है। यह किसानों के साथ भद्दा मजाक है सरकार को इस पर माफी मांगना चाहिए। दीपक बैज ने पूछा कि पूछा कि सरकार बताएं कि किसानों का धान कम क्यों खरीदा गया? कौन है इसका जिम्मेदार?

नहीं बढ़ेगी धान खरीदी की तारीख

बता दें कि सीएम साय ने मीडिया से बात करते हुए बीते दिनों कहा था कि ” मुझे विश्वास है धान खरीदी अच्छे से जारी है। दो दिन पहले धान खरीदी की समीक्षा की थी, जिसके बाद विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसान का धान बिकना चाहिए। धान खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष का धर्म निभा रही है, लेकिन कांग्रेस मुद्दाविहीन है और क्या करेगी? वहीं, धान खरीदी में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन को लेकर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धान खरीदी के लिए समय बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। छत्तीसगढ़ में पर्याप्त मात्रा में धान खरीदी हुई है, किसानों का एक-एक दाना धान खरीद रहे हैं। कांग्रेस देखे, किस मुंह से आरोप लगती है।

ये भी पढ़ें

महासमुंद के किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं?

किसानों का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर लिमिट कम होने की वजह से वे 31 जनवरी तक टोकन नहीं कटवा पाए, जिससे उनका धान घर में ही पड़ा रह गया है।

दीपक बैज ने एग्री स्टैक (Agri Stack) पोर्टल पर क्या सवाल उठाए?

बैज के अनुसार, पोर्टल में तकनीकी जटिलताओं के कारण 5 लाख से अधिक किसान पंजीयन नहीं करा सके, जिसे उन्होंने सरकार की "धान न खरीदने की साजिश" बताया है।

क्या धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाई जाएगी?

मुख्यमंत्री साय के बयानों से स्पष्ट है कि फिलहाल तारीख बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, हालांकि किसानों के बढ़ते दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

इस साल कुल कितना धान खरीदा गया है?

पीसीसी चीफ के दावों के अनुसार, सरकार केवल 149 लाख मीट्रिक टन धान ही खरीद पाई है, जो लक्ष्य से लगभग 25 लाख मीट्रिक टन कम है।

किसानों की अगली चेतावनी क्या है?

महासमुंद के किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे तहसील कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।