Gujarat High Court: प्याज-लहसुन बनी तलाक की वजह! पत्नी-पति के साथ कर रही थी ज़बरदस्ती.. अब हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Gujarat High Court: प्याज-लहसुन बनी तलाक की वजह! पत्नी-पति के साथ कर रही थी ज़बरदस्ती.. अब हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Gujarat High Court: प्याज-लहसुन बनी तलाक की वजह! पत्नी-पति के साथ कर रही थी ज़बरदस्ती.. अब हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Gujarat High Court Husband Wife Divorce/Image Source: Generated by AI

Modified Date: February 2, 2026 / 02:09 pm IST
Published Date: February 2, 2026 2:03 pm IST
HIGHLIGHTS
  • रसोई से रिश्ते तक विवाद
  • प्याज-लहसुन बैन पर टूटी शादी
  • गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

अहमदाबाद: Gujarat High Court: गुजरात हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति की निजी स्वतंत्रता में लगातार हस्तक्षेप करना और उसे मानसिक तनाव देना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने एक दंपती के तलाक को मंजूरी दे दी।

प्याज-लहसुन पर रोक बनी तलाक की वजह! (Gujarat High Court verdict)

Gujarat High Court: मामला गुजरात के एक दंपती से जुड़ा है जहां पत्नी द्वारा घर में प्याज और लहसुन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और अपनी धार्मिक मान्यताओं को पति पर थोपने के कारण वैवाहिक संबंध टूट गए। पति ने कोर्ट में बताया कि पत्नी ने शर्त रखी थी कि घर में कभी भी प्याज और लहसुन नहीं पकाया जाएगा। इसके साथ-साथ वह उसे भी अपनी धार्मिक प्रथाओं के अनुसार जीवन जीने के लिए मजबूर करने लगी।

पति का कहना था कि शुरुआत में यह विवाद केवल भोजन तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे इसका असर उसके सामाजिक जीवन और मानसिक शांति पर पड़ने लगा। पत्नी के व्यवहार के कारण वह न तो समाज में घुल-मिल पा रहा था और न ही सामान्य जीवन जी पा रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव का शिकार हो गया।

गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला (husband wife divorce news)

Gujarat High Court: निचली अदालत ने पति की दलीलों को स्वीकार करते हुए पत्नी के व्यवहार को क्रूरता मानते हुए तलाक मंजूर कर दिया था। इसके बाद पत्नी ने इस फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पत्नी के अत्यधिक हठधर्मी और कट्टर रवैये की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी व्यक्ति की निजी स्वतंत्रता में लगातार हस्तक्षेप करना और मानसिक तनाव देना मानसिक क्रूरता के अंतर्गत आता है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।