दो हजार के नोटों से नक्सलियों के लिए ट्रैक्टर खरीदने के दौरान नक्सली सहयोगी गिरफ्तार
दो हजार के नोटों से नक्सलियों के लिए ट्रैक्टर खरीदने के दौरान नक्सली सहयोगी गिरफ्तार
बीजापुर, 17 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में दो हजार रुपए के नोटों से माओवादियों के लिए ट्रैक्टर खरीदने की कोशिश कर रहे एक नक्सली सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है और उसके पास से 10 लाख रुपए बरामद किये हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने ट्रैक्टर के शोरूम से नक्सली सहयोगी दिनेश ताती (23) को गिरफ्तार किया और उसके पास से दो हजार रुपए के नोटों से भरा एक थैला बरामद किया है। थैले में कुल 10 लाख रुपए थे।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि गंगालूर एरिया कमेटी ने दो हजार रुपए मूल्य के नोटों को खपाने के लिये गंगालूर क्षेत्र के कुछ लोगों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए शो रूम भेजा है, ट्रैक्टर का उपयोग माओवादी करने वाले थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूचना के बाद कोतवाली थाने के दल ने बीजापुर शहर के अलग-अलग ट्रैक्टर शो रूम में दबिश दी तथा जब शहर में जॉन डीयर ट्रैक्टर के शो रूम में दबिश दी गई तब एक व्यक्ति पुलिस दल को देखकर भागने की कोशिश करने लगा, जिसे पुलिस दल ने पकड़ लिया।
उन्होंने बताया कि जब संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की गई तब उसने अपना नाम दिनेश ताती बताया। पुलिस के अनुसार ताती ने बताया कि वह एक एनजीओ से जुड़ा हुआ है तथा जब उसके बैग की तलाशी ली गई तब उसमें से दो हजार रुपए के नोटोंं से भरा 10 लाख रुपए और माओवादी पर्चा बरामद किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन रुपयों के संबंध में पूछने पर ताती ने बताया कि उसे पालनार जनताना सरकार के अध्यक्ष मुन्ना हेमला ने छह लाख रुपए दिये था। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि मुन्ना हेमला को यह पैसा गंगालूर एरिया कमेटी के प्रभारी दिनेश मोड़ियम ने दिया था। वहीं दो लाख रुपये गंगालूर एरिया कमेटी की नक्सली शांति पुनेम और दो लाख रूपए गंगालूर एरिया मिलिशिया कमाण्ड इन चीफ पण्डरू पोटाम ने दिये थे। दो हजार रूपए मूल्य के नोटों के प्रचलन से बाहर होने के कारण लेवी वसूली की रकम को ट्रैक्टर खरीद कर खपाने की योजना थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने ताती को गिरफ्तार कर लिया है तथा क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
भाषा सं संजीव संजीव राजकुमार

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