रायपुरः Preparations for investor meet छत्तीसगढ़ में सरकार ने निवेश लाने के लिए नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत, ना केवल प्रदेश बल्कि देश के कई महानगरों में इनवेस्टर कनेक्ट मीट और एनर्जी समिट किए हैं। दिसंबर 2024 से नवंबर 2025 तक बीजेपी सरकार ने 6 इनवेस्टर मीट किए जिसमें, सरकार को अब तक कुल 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
Preparations for investor meet सरकार का दावा है कि ‘सिंगल विंडो सिस्टम 2.0’ के जरिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर चुके हैं। नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक ‘एआई डेटा सेंटर पार्क’ और राज्य का पहला ‘सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट’ पर काम तेजी से जारी है, जबकि विपक्ष सारे दावों और आंकड़ों को हवा-हवाई बताते हुए, आरोप लगा रहा है कि धरातल पर छोटे उद्योगों और स्थानीय व्यापारियों को कोई रियायते नहीं मिली है। कोर इंडस्ट्री और पहले से लगे उद्योग बंद होने की कगार पर हैं, सरकार चंद कॉरपोरेट घरानों की मदद के लिए करोड़ों रुपये के इवेंट्स कर रही है।
वाकई चुनौती यही है कि 8 लाख करोड़ रुपये के MOU को हकीकत में जमीन पर लाया जाए। सरकार 12 जून को हैदराबाद में एक बड़ा ‘इन्वेस्टर कनेक्ट मीट’ करने जा रही है, जिसके जरिए दक्षिण भारत की दिग्गज IT, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को छत्तीसगढ़ लाने का प्रयास है। सवाल ये है कि विपक्ष के आरोपों में सच्चाई है या सत्ता पक्ष के दावों में दम है?