Sharab Dukan Kab Band Rahega: इस दिन पूरे प्रदेश में बंद रहेंगी शराब की दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश

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Sharab Dukan Kab Band Rahega: इस दिन पूरे प्रदेश में बंद रहेंगी शराब की दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 09:20 AM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 09:21 AM IST

Sharab Dukan Kab Band Rahega: इस दिन पूरे प्रदेश में बंद रहेंगी शराब की दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश / Image: IBC24 Cusomized

HIGHLIGHTS
  • पूरे छत्तीसगढ़ में नहीं खुलेगी शराब की एक भी दुकान
  • चोरी-छिपे शराब बेची तो लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा
  • बार और आहतों को भी बंद रखने का निर्देश

रायपुर: Sharab Dukan Kab Band Rahega 26 जनवरी को पूरे देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर में शुष्क दिवस घोषित किया गया है, जिसके चलते सभी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। छत्तीसगढ़ में भी आबकारी विभाग ने प्रदेश की देसी-अंग्रेजी सहित बार और शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया है। साथ ही शराब दुकान खुली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।?

Sharab Dukan Kab Band Rahega जारी आदेश के अनुसार 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को जिले की समस्त देशी, विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा की फुटकर दुकानें, एफ.एल.3(ग) पर्यटन बार, एफ.एल.4(क) व्यवसायिक क्लब तथा सभी अहाते पूर्णतः बंद रहेंगे। यह आदेश आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशों के परिपालन में जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित संचालकों एवं अनुज्ञापत्रधारकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस

हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था, लेकिन उस समय हमारे पास अपना कोई स्थायी कानून (संविधान) नहीं था। 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा संविधान को अपनाया गया था। लेकिन इसे पूरी तरह से 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। इसी दिन भारत एक ‘गणतंत्र’ (Republic) बना, जिसका अर्थ है कि देश का प्रमुख (राष्ट्रपति) वंशानुगत न होकर जनता द्वारा (अप्रत्यक्ष रूप से) चुना जाएगा।

‘पूर्ण स्वराज’ का ऐतिहासिक महत्व

  • 26 जनवरी की तारीख को चुनने का एक बहुत खास कारण था, जो आजादी की लड़ाई से जुड़ा है
  • दिसंबर 1929 में लाहौर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था, जिसकी अध्यक्षता पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी।
  • इस अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ (पूरी आजादी) का प्रस्ताव पास किया गया।
  • इसके बाद, 26 जनवरी 1930 को पहली बार भारत में ‘स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में मनाया गया था। चूंकि यह तारीख आजादी के संघर्ष का प्रतीक थी, इसलिए 1950 में संविधान लागू करने के लिए इसी दिन को चुना गया ताकि इसका ऐतिहासिक महत्व बना रहे।

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क्या 26 जनवरी को होटलों या क्लबों में शराब मिलेगी?

नहीं। आदेश के अनुसार, FL-3 (पर्यटन बार) और FL-4 (कमर्शियल क्लब) भी पूरी तरह बंद रहेंगे।

अगर कोई दुकान खुली दिखे तो कहाँ शिकायत करें?

आप रायपुर जिले के आबकारी विभाग के कंट्रोल रूम या सीधे पुलिस को सूचना दे सकते हैं।

क्या संविधान 26 जनवरी को ही बनकर तैयार हो गया था?

नहीं। संविधान 26 नवंबर 1949 को ही तैयार हो गया था, लेकिन उसे लागू 26 जनवरी 1950 को किया गया ताकि 'पूर्ण स्वराज' के दिन की याद बनी रहे।

'गणतंत्र' का असली मतलब क्या है?

गणतंत्र का मतलब है कि देश का मालिक (राष्ट्रपति) कोई राजा या उसका बेटा नहीं होगा, बल्कि जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि होगा।

गणतंत्र दिवस का जश्न कब खत्म होता है?

आधिकारिक तौर पर यह उत्सव 29 जनवरी को होने वाली 'बीटिंग रिट्रीट' (Beating Retreat) सेरेमनी के साथ खत्म होता है।