यहां मतदान से वंचित हो सकते हैं 11 हजार नए वोटर्स, वोटर आईकार्ड ही नहीं मिले अब तक

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यहां मतदान से वंचित हो सकते हैं 11 हजार नए वोटर्स, वोटर आईकार्ड ही नहीं मिले अब तक

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  • Publish Date - April 1, 2019 / 11:03 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:35 PM IST

रायपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर कवर्धा जिले में निर्वाचन आयोग की तैयारियां जोरों पर चल रही है। लेकिन जो चीज सबसे जरूरी है, इस ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में जिले की दोनों विधानसभा क्षेत्र मिलाकर 5 लाख 86 हजार मतदाता हैं। इनमें से 11 हजार इस बार नए मतदाता जुड़े हैं, जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। लेकिन इन वोटर्स को आज तक वोटर आईडी कार्ड ही नहीं दिया गया हैं।

इसका मुख्य कारण विभाग के पास छापने के लिए कार्ड का न होना है। ऐसे में नये वोटर्स को मतदान से वंचित होना पड़ सकता है। हालांकि जिला प्रशासन जल्द ही नए कार्ड छपवाकर देने की बात कह रहा है। लेकिन इतने कम समय में कार्ड छापना व बंटवाना आसान नहीं होगा। ऐसे में वोट प्रतिशत के कम होने की भी आशंका बनी हुई है।

कवर्धा जिला राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में आता है। जिले के कवर्धा व पंडरिया विधानसभा मिलाकर कुल 5 लाख 86 हजार वोटर है, इनमें 11 हजार नए वोटर जुडे है। इस बार निर्वाचन आयोग जिले में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाता जागरूकता के लिए अनेक कार्यक्रम चला रहा है, खास कर शहरों में वोट प्रतिशत बढ़ाने ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। क्योंकि विधानसभा चुनाव 2018 में शहरों में वोट प्रतिशत बहुत कम था। लेकिन इस बीच जिला प्रशासन एक और बात को नजर अंदाज कर रहा है।

जिले में 11 हजार नए वोटर को आज तक वोटर कार्ड ही नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें मतदान करने के अधिकार से वंचित होना पड सकता है। साथ ही नए जुडे मतदाता का नाम, नंबर बूथ में आ रहा है, यह भी ढूंढने में दिक्कतें आएंगी। ऐसे में मतदाता वोट डाल भी नहीं पायेगा। वोटर कार्ड न मिलने का एक मुख्य कारण कवर्धा में वोटर कार्ड नहीं है जिसे छपवा सकें। ऐसे में नए कार्ड आने के बाद ही छपवाया जाएगा, जिसके बाद वितरित किया जाएगा। जिले में मतदान 18 अप्रैल को है।

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हालांकि जिला प्रशासन 5 हजार कार्ड आने की बात कहते हुए इसे जल्द ही छपवाकर बांटने का दावा कर रहा है साथ ही बाकी बचे छह हजार कार्ड भी जल्द आने का दावा कर रही है। लेकिन इतनी संख्या में वोटर कार्ड छापना फिर बांटना आसान नहीं होगा। अगर छप भी जायेगा तो वोटर तक कार्ड समय पर नहीं पहुंच पाएगा। ऐसे में हजारों वोटर्स मतदान से वंचित रह सकते हैं। इस मामले में विभाग को पहले से ही तैयारी करनी की आवश्यकता थी जो कि नहीं हो पाया।