मथुरा में ‘कॉकरोच’ का रूप धारण कर नगर निगम पहुंचने वाला युवक फिर उसी वेश में दिखा

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मथुरा में ‘कॉकरोच’ का रूप धारण कर नगर निगम पहुंचने वाला युवक फिर उसी वेश में दिखा

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 12:15 AM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 12:15 AM IST

मथुरा (उप्र), 23 मई (भाषा) यमुना नदी के प्रदूषण और मथुरा में फैली गंदगी के खिलाफ

अनोखे तरीके से विरोध जताने वाला सामाजिक कार्यकर्ता शनिवार को भी वृंदावन के बिहार घाट पर ‘कॉकरोच’ के वेश में नाले में उतरकर विरोध करता नजर आया।

इसके पहले शुक्रवार को युवक दीपक शर्मा ‘कॉकरोच’ का रूप धारण कर नाचते-गाते निगम परिसर में पहुंचा तो अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग हैरान रह गए।

शनिवार को दीपक शर्मा को वृंदावन के बिहार घाट पर उसी वेश में नाले में उतरते देखा गया। उन्होंने कहा कि यमुना प्रदूषित हो रही है। बिना शोधन के इन नालों का पानी यमुना में क्यों जा रहा हैं? जब तक यमुना साफ नहीं हो जाती और यमुना में गिरने वाले नाले बंद नहीं हो जाते, तब तक वह नहीं रुकेंगे।

उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे के लिए अपनी जान तक कुर्बान करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें नगर निगम कार्यालय से फोन आए और नगर निगम के अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी।

हालांकि, नगर आयुक्त जग प्रवेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने खुद दीपक शर्मा से उनकी शिकायत सुनने के लिए संपर्क किया था, लेकिन वह दोनों बार नहीं आए।

नगर आयुक्त ने कहा ‘‘मेरे कार्यालय ने उन्हें कल शाम और आज सुबह फोन करके बैठक के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं आए। कम से कम उन्हें आकर अपनी शिकायत तो बतानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि दीपक का इस मुद्दे पर बोलने के लिए स्वागत है और हम उनकी चिंताओं को उनकी संतुष्टि के अनुसार हल करने का प्रयास करेंगे।

कॉकरोच का वेश धरे दीपक शर्मा ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘यमुना प्रदूषण और शहर की गंदगी से मुंह मोड़े बैठे नाकारा अधिकारियों की आंखें खोलने के लिए मुझे यह रूप धारण करना पड़ा। जब हम जैसे युवा तथ्य लेकर न्यायालय जाते हैं, तब ऊंचे पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग हमें ‘कॉकरोच’ कहकर मुद्दे को नजरअंदाज करते हैं।’’

शर्मा का यह कृत्य ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) नामक एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा शुक्रवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चलाए गए अभियान के ठीक बाद सामने आया है।

यह व्यंग्यात्मक मंच पिछले सप्ताह भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत द्वारा एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान ‘‘कॉकरोच’’ और ‘‘परजीवों’’ के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर हुए विवाद के बाद अस्तित्व में आया। सीजेआई ने बाद में स्पष्ट किया कि ‘‘फर्जी डिग्रियों’’ के माध्यम से विधि पेशे में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों पर लक्षित उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से उद्धृत किया गया था।

इस बीच, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (मथुरा) मुकेश धनगर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘‘जुमला पार्टी’’ बताया और कहा कि उन्होंने यमुना को साफ करने के वादे पर चुनाव जीता है, लेकिन स्थिति खराब हो रही है और नदी अधिक प्रदूषित हो रही है। जब भाजपा सत्ता में नहीं थी तो वे यमुना प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करते थे और कब्जे हटाते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सब कुछ भूल गए हैं।

धनगर ने भाजपा नेताओं को विश्राम घाट पर यमुना जल पीने की भी चुनौती भी दी।

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने इस बात की सराहना की कि युवा लोग यमुना प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘नालों में जाकर अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय उन्हें संबंधित लोगों के साथ बैठना चाहिए और मुद्दा उठाना चाहिए।’’

भाषा सं आनन्द जफर गोला

गोला