रायपुर: क्या जेबी संस्था है बीजेपी? ये सवाल हम नहीं पूछ रहे हैं। बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आरोप है। पार्टी की मौजूदा स्थिति पर तंज कसते हुए कांग्रेस के मुखिया ने कहा छत्तीसगढ़ बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री की जेबी संगठन बनकर रह गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रमन सिंह के बहाने पार्टी पर बयान देकर एक तीर से दो निशाना साधा है। आखिर इस बयान के सियासी मायने क्या हैं? तमाम पहलूओं पर चर्चा करेंगे।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को बंद हुए करीब एक सप्ताह होने को है। लेकिन सीएम और पूर्व सीएम के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रहा। दोनों में से कोई भी हमला करने का मौका नहीं छोड़ता। हर रोज एक दूसरे पर आरोपों की बरसात हो रही है। सोमवार को रमन सिंह ने कांग्रेस और सीएम पर आरोप लगाया तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पलटवार करते हुए कहा कि रमन सिंह खुद को छत्तीसगढ़ समझ रहे हैं। धान खरीदी से किसान नहीं बीजेपी के आंसू बह रहे हैं। कांग्रेस के मुखिया यहीं नहीं रुके, उन्होंने रमन सिंह पर नया आरोप लगाया कि उनके रहते बीजेपी का भला कभी नहीं होगा, क्योंकि पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री की जेबी संस्था बनकर रह गई है।
दरअसल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी, मोर्चा प्रकोष्ठ और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में रमन सिंह के चहेतों को जगह मिली है। वहीं, भाजपा युवा मोर्चा पिछड़ा वर्ग मोर्चा और महिला मोर्चा 5 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। ऐसे में जब रमन सिंह के बहाने कांग्रेस के मुखिया पार्टी पर सवाल उठाए तो बीजेपी की तरफ से भी तीखा जवाब आया।
बहरहाल पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री की इस स्ट्रेट फाइट में धान और किसान के मुद्दे से शिफ्ट होकर पर्सनल और पार्टी अटैक तक पहुंच गया है। जाहिर है दोनों नेताओं के बयानबाजी से माहौल गरम हो चुका है। अब देखना ये है कि बयानों की जंग आखिर कहां तक पहुंचती है?