नक्सल मामलों में बंदी आदिवासियों के प्रकरणों की समीक्षा के लिए समिति गठित, सेवानिवृत जज पटनायक होंगे अध्यक्ष

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नक्सल मामलों में बंदी आदिवासियों के प्रकरणों की समीक्षा के लिए समिति गठित, सेवानिवृत जज पटनायक होंगे अध्यक्ष

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  • Publish Date - March 6, 2019 / 10:25 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:42 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने बस्तर में नक्सल मामलों में बंदी आदिवासियो के मामलों की समीक्षा करने के लिए एक नई 6 सदस्यीय समिति गठित की है। सेवानिवृत्त जज एसके पटनायक के अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।

बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि छत्तीसगढ़ की जेलों में नक्सल मामलों में बंद आदिवासियों के प्रकरणों पर पुनर्विचार के लिए कांग्रेस सरकार नई कमेटी बनाएगी। इससे पहले भाजपा सरकार में नक्सल मामलों पर पुनर्विचार के लिए निर्मला बुच कमेटी बनाई थी। रमन सरकार ने निर्मला बुच की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक की हाईपॉवर कमेटी बनाई थी।

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सितंबर 2014 तक बुच कमेटी ने आठ बैठकें करके 650 से अधिक मामलों पर विचार किया था। 350 से अधिक मामलों में जमानत का विरोध नहीं करने की अनुसंशा की थी। भाजपा सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट के साथ हलफनामा दिया था, उसके बाद भी जेलों में बंद आदिवासियों को जमानत नहीं मिल पाई थी।

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वहीं प्रदेश में कांग्रेस जब विपक्ष में थी, तब वह यह मुद्दा उठाती रही कि नक्सल प्रभावित अंचलों में आदिवासियों को झूठे नक्सल मामलों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। ग्रामीणों को फर्जी तरीके से नक्सली बताकर उनकी हत्या की जा रही है।