इस गांव के ग्रामीणों ने किया लोकसभा चुनाव का ​बहिष्कार, कहा- मांग पूरी होने पर ही देंगे वोट

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इस गांव के ग्रामीणों ने किया लोकसभा चुनाव का ​बहिष्कार, कहा- मांग पूरी होने पर ही देंगे वोट

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  • Publish Date - April 7, 2019 / 09:54 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:33 PM IST

गरियाबंद: लोकसभा चुनाव 2019 के चलते एक ओर जहां पूरे देश में खलबली मची हुई है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों के ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आया है। खबर है कि जिले के सेनगुड़ा गांव के ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर वोट नहीं डालने का फैसला लिया है।

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दरसअल जिले के सोनगुड़ा के ग्रामीण पिछले से 15 साल से तेल नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण पुल की मांग को लेकर शासन और प्रशासन के अधिकारियों से निवेदन करके थक चुके हैं। इसी के चलते दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों ने रविवार को तेल नदी के किनारे बैठक कर चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र के मनोहरपुर गांव के लोगों ने भी चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। ग्रामीणों ने राजनीतिक दलों के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस चुनावी समर में भी हमारे गांव में एक भी नेता नहीं पहुंचे हैं। इस बार पूरे गांव वालों ने फैसला लिया है कि विकास का लिखित अश्वासन देने वाले उम्मीदवार को ही वोट देंगे। हमारे गांव में बिजली, पानी और सड़कों से संबंधित कई मुद्दे हैंं। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें भी सामने आई है। ग्रामीणों ने गांव के बाहर ही विकास नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगा दिया है। बैनर में उन्होने विकास की मांग के साथ लिखा है कि कोई भी राजनीतिक दल के नेता वोट मांगकर शर्मिंदा न करें।

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