ऑनलाइन क्लास लेने में कोताही बरतने वाले प्राचार्यों एवं सहायक प्राध्यापकों को नोटिस, उच्च शिक्षा सचिव ने ली बैठक

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ऑनलाइन क्लास लेने में कोताही बरतने वाले प्राचार्यों एवं सहायक प्राध्यापकों को नोटिस, उच्च शिक्षा सचिव ने ली बैठक

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  • Publish Date - January 30, 2021 / 02:43 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:34 PM IST

रायपुरः उच्च शिक्षा विभाग के सचिव धनंजय देवांगन ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्यापन सुविधा उपलब्ध कराने के शासन के निर्देश के परिपालन में कोताही बरतने वाले रायपुर संभाग के लगभग दर्जनभर महाविद्यालयों के प्राचार्यों और सहायक प्राध्यापकों की वेतनवृद्धि रोकने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। महाविद्यालयों की ऑनलाइन क्लासेस सहित अन्य विषयों की समीक्षा के लिए आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित रायपुर संभाग के समस्त कॉलेजों के प्राचार्यों की लगभग 5 घंटे तक चली बैठक में उच्च शिक्षा सचिव ने समस्त प्राध्यापकों के ऑनलाइन क्लास के परफॉरमेंस की गहन समीक्षा की। निर्धारित कालखण्ड के अनुसार ऑनलाइन क्लास लेने में चूक करने वाले लगभग दर्जन भर सहायक प्राध्यापकों एवं ऑनलाइन त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग के लिए कई प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त शारदा वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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सचिव उच्च शिक्षा धनंजय देवांगन ने समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए संचालित ऑनलाइन क्लासेस की मॉनिटरिंग का प्राथमिक दायित्व कॉलेज के प्राचार्यों का है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्राचार्यों को ऑनलाइन क्लासेस अनिवार्य रूप से महाविद्यालय से ही संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचार्यों को ऑनलाइन क्लास की गुणवत्ता एवं निरंतरता पर निगरानी के लिए समय-समय पर ऑनलाइन क्लास से जुड़ने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि यदि अपरिहार्य कारणों से कोई सहायक प्राध्यापक अवकाश पर है, तो उसके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उच्च शिक्षा सचिव ने सभी प्राचार्यों को अनिवार्य रूप से निर्धारित कालखण्ड के अनुसार सभी सहायक प्राध्यापकों से शत-प्रतिशत कक्षाएं लिया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव ने कहा कि प्राचार्यों एवं प्रभारी प्राचार्यों को भी अनिवार्य रूप से ऑनलाइन कक्षाएं नियमित रूप से लेना चाहिए।

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उच्च शिक्षा सचिव ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि कोरोना काल के दौरान संचालित ऑनलाइन क्लासेस के अनुसार ही प्राचार्यों एवं सहायक प्राध्यापकों के परफारमेंस का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने ऑनलाइन क्लासेस से शत-प्रतिशत विद्यार्थियों के जुड़ने के संबंध में भी हर संभव प्रयास करने की बात कही। उच्च शिक्षा सचिव ने ऑनलाइन क्लासेस की सफलता के लिए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से नियमित रूप से दूरभाष पर सम्पर्क कर उन्हें इसके लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सचिव एवं आयुक्त ने संयुक्त रूप से महाविद्यालयों में अधोसंरचना के विकास के लिए विभिन्न मदों के अंतर्गत दी गई स्वीकृति एवं संचालित निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखी जानी चाहिए। बैठक में महाविद्यालयवार आवंटित राशि एवं निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।

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आयुक्त उच्च शिक्षा शारदा वर्मा ने सेवानिवृत्ति से संबंधित प्रकरणों के निराकरण के लिए प्राचार्यों को अग्रिम कार्रवाई के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन अधिकारी-कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तिथि को ध्यान में रखते हुए कम से कम 2 वर्ष पूर्व प्रकरण तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी जानी चाहिए। सेवा सत्यापन, एनओसी एवं ऑनलाइन पेंशन प्रकरण के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन करने के भी निर्देश प्राचार्यों को दिए गए। उन्होंने प्राचार्यों को कॉलेज परिसर एवं कक्षों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के साथ ही कॉलेज परिसर में रिक्त स्थानों पर यथासंभव पौधरोपण एवं अर्नामेंटल पौधे लगाए जाने की बात कही। बैठक में महाविद्यालयों की नेक ग्रेडिंग को लेकर प्राचार्यों को मापदण्ड के अनुसार आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए गए।

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