अयोध्या में बनेगा 150 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल

अयोध्या में बनेगा 150 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल

अयोध्या में बनेगा 150 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल
Modified Date: July 17, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: July 17, 2026 7:55 pm IST

अयोध्या, 17 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या में छह एकड़ भूमि पर 150 बिस्तरों की सुविधा वाला मल्टी-स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल एवं संस्थान बनाया जाएगा। यह भूमि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दिवंगत सदस्य बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के परिवार की ओर से दान की जाएगी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को एक कंपनी की कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल के तहत स्थापित गैर-लाभकारी संस्था नमो कैंसर केयर फाउंडेशन, अयोध्या कैंसर केयर फाउंडेशन के सहयोग से विकसित करेगी।

इस अस्पताल के दो साल के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।

परियोजना से जुड़े लोगों के अनुसार, अयोध्या जिले के दर्शन नगर क्षेत्र में स्थित यह भूमि 29 जुलाई को उपहार विलेख (गिफ्ट डीड) के माध्यम से अयोध्या कैंसर केयर फाउंडेशन को हस्तांतरित की जाएगी।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के स्थायी सदस्य रहे बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन पिछले वर्ष अगस्त में हुआ था।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि छह एकड़ भूमि बिना किसी आर्थिक प्रतिफल के दान की जा रही है। उपहार विलेख पर मिश्र के बेटे यतींद्र मिश्र और उनके भाई शैलेंद्र मिश्र हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि भूमि हस्तांतरण के तीन महीने के भीतर परियोजना का शिलान्यास किए जाने की संभावना है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। पूरे परिसर के दो साल में तैयार होने की उम्मीद है।

यतींद्र मिश्र ने कहा, ‘‘यह अस्पताल मेरे पिता की स्मृति और उनके जीवन मूल्यों-करुणा, सेवा और जरूरतमंदों की देखभाल-को समर्पित एक श्रद्धांजलि है।’’

प्रस्तावित अस्पताल अयोध्या-आंबेडकर नगर मार्ग के किनारे बनाया जाएगा। यह लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवकाली चौराहे से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा, जिससे अवध क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आने वाले मरीजों को यहां पहुंचने में सुविधा होगी।

यह अस्पताल ‘नमो कैंसर एक्सेस नेटवर्क’ की उस पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में किफायती और गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार की आधारभूत संरचना का विस्तार करना है।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


लेखक के बारे में