Mid Day Meal Food Poisoning: इस सरकारी स्कूल में ‘मध्यान्ह भोजन’ खाते ही 33 बच्चे पहुंचे अस्पताल.. प्रशासन में हड़कंप, जानें क्या था मेन्यू में

Mid Day Meal Food Poisoning: दिसंबर महीने के शुरुआत में कर्नाटक में कोप्पल तालुक के ओल्ड निंगपुरा गवर्नमेंट स्कूल में बच्चों के दोपहर के भोजन में कीड़े पाए जाने का एक वीडियो वायरल हुआ था। स्कूल अधिकारियों ने बताया था कि चावल अक्षरा दासोहा योजना के तहत सप्लाई किया गया था और इसे लंबे समय स्टोर करके रखा गया था।

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 07:46 AM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 07:50 AM IST

Mid Day Meal Food Poisoning || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • मिड डे मील से 33 छात्र बीमार
  • उल्टी-पेट दर्द की शिकायत
  • भोजन गुणवत्ता जांच शुरू

Mid Day Meal Food Poisoning: कोयंबटूर: अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु के कोयंबटूर में मौजूद ओडक्कलपलयम सरकारी मिडिल स्कूल में दोपहर का भोजन (मिड डे मिल) खाने के बाद 33 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए हुई। सभी को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल कराया गया है।

BDO ने किया अस्पतालों का दौरा (BDO Orders Probe, Visits Hospitals)

यह घटना रविवार को सुल्तानपेट यूनियन के ओडक्कलपलयम सरकारी मिडिल स्कूल में सामने आई। यहां मंगलवार को दोपहर का भोजन परोसा गया था। भोजन करने के कुछ ही समय बाद लगभग 33 छात्रों ने उल्टी और पेट में तेज दर्द की शिकायत की। प्रभावित छात्रों को तुरंत सुल्तानपेट और आसपास के इलाकों के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, कुछ छात्रों का इलाज सुल्तानपेट के आराम अस्पताल में चल रहा है, जबकि कुछ को सेंजेरी मलाई के पुरुषोत्तमन अस्पताल और रॉयल केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस घटना की सूचना मिलने पर सुल्तानपेट ब्लॉक विकास अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू की। दोपहर के भोजन की क्वालिटी के जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। वही सुल्तानपेट पुलिस ने घटना पर संज्ञान ले लिया है।

चावल में मिला था कीड़ा (Food Quality Under Investigation)

Mid Day Meal Food Poisoning: गौरतलब है कि, दिसंबर महीने के शुरुआत में कर्नाटक में कोप्पल तालुक के ओल्ड निंगपुरा गवर्नमेंट स्कूल में बच्चों के दोपहर के भोजन में कीड़े पाए जाने का एक वीडियो वायरल हुआ था। स्कूल अधिकारियों ने बताया था कि चावल अक्षरा दासोहा योजना के तहत सप्लाई किया गया था और इसे लंबे समय स्टोर करके रखा गया था।

यहां बच्चों को पके हुए चावल में मरे हुए कीड़े मिले थे, जिसके बाद पैरेंट्स और छात्रों ने मिड डे मील को लेकर चिंता जताई थी। छात्रों ने भोजन फेंक दिया था और मैनेजमेंट को घटना की सूचना देते हुए कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था।

विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष हनुमंथप्पा हट्टी ने इस मामले में कहा था, “यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। मैंने रसोइयों को बुलाया है और उन्हें चावल को अच्छी तरह धोकर पकाने की सलाह दी है। अगर चावल में कीड़े हों, तो उन्हें सूचित किया जाए और रसोइयों को बदल दिया जाए। हालांकि, अक्षरा दासोहा के अधिकारी भंडारित चावल ही वितरित करते हैं, इसलिए बच्चों को ऐसा पका हुआ भोजन ही खाना पड़ता है।”

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Q1. कोयंबटूर मिड डे मील फूड पॉइजनिंग में कितने बच्चे बीमार हुए?

सरकारी स्कूल में मिड डे मील खाने के बाद 33 से अधिक बच्चे बीमार पड़े।

Q2. बच्चों में कौन-कौन से लक्षण पाए गए?

भोजन करने के बाद बच्चों को उल्टी और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई।

Q3. प्रशासन ने घटना के बाद क्या कदम उठाए?

ब्लॉक विकास अधिकारी ने जांच शुरू की और भोजन की गुणवत्ता जांच के आदेश दिए।